प्रयागराज (जितेंद्र शुक्ल)। "योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य उपहार है। यह केवल व्यायाम का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था का आधार है। योग एक ऐसी जीवन-पद्धति है, जो व्यक्ति को तनावमुक्त, अनुशासित एवं ऊर्जावान बनाए रखने में सहायक है।" यह विचार राजकीय महाविद्यालय, सैदाबाद के प्राचार्य प्रो. आशीष जोशी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने छात्र-छात्राओं से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाकर स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। राजकीय महाविद्यालय, सैदाबाद, प्रयागराज में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन इस वर्ष की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" के अनुरूप उत्साह एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आशीष जोशी के नेतृत्व तथा शारीरिक शिक्षा विभाग के सहायक प्रोफेसर एवं महाविद्यालय के क्रीड़ा सचिव डॉ. राजेन्द्र कुमार राजन एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी डॉ. अजय यादव के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के क्रीड़ा सचिव डॉ. राजेन्द्र कुमार राजन ने छात्र-छात्राओं को विभिन्न योगासन, सूर्य नमस्कार, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाते हुए जीवन में संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं अन्य उपस्थितजनों ने भी सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ, निरोग एवं समृद्ध समाज के निर्माण का संकल्प लिया। विश्व शांति, मानव कल्याण एवं स्वस्थ जीवन की मंगलकामनाओं के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह सूचना डॉ यशवन्त यादव द्वारा दी गई है।
