उड़ीसा से डीसीएम वाहन में लादकर ला रहा था प्रयागराज
प्रयागराज (राजेश सिंह)। काफी समय से कई जिलों में गांजा की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़ा एक सदस्य स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के हत्थे चढ़ गया। एसटीएफ ने करीब एक करोड़ 10 लाख रुपये के गांजा संग तस्कर अमरजीत यादव उर्फ पहलवान को गिरफ्तार किया। डीसीएम, नकदी, मोबाइल और 439 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
गिरोह से जुड़े कई सदस्य अभी वांछित हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। गोरखपुर के हरपुर बुदहट का मूल निवासी अमरजीत यादव वर्तमान समय में मध्य प्रदेश के गुना जिले के धरनावदा, नरोनी में रह रहा था। उसके खिलाफ मीरजापुर थाने में मुकदमा लिखा गया है।
एसटीएफ की टीम मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही थी। इसी बीच एसटीएफ इंस्पेक्टर जय प्रकाश राय को पता चला कि एक तस्कर डीसीएम वाहन में गांजा लादकर आ रहा था। तब उन्होंने दारोगा रणेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल अश्वनी, संतोष, किशन चंद्र, अखंड प्रताप की टीम को मीरजापुर भेजा। वहां टीम ने घेरेबंदी करके डीसीएम को रोक लिया।
वाहन की तलाशी ली गई तो प्लास्टिक के खाली कैरेट की आड़ में गांजा छिपाकर रखा गया था। तब अमरजीत को दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि गांजा तस्करी का एक सक्रिय गिरोह है, जो रायगढ़ उड़ीसा से लाकर प्रदेश के विभिन्न जिले में सप्लाई करता है।
डीसीएम का मालिक प्रयागराज के होलागढ़ थाना क्षेत्र के हंसराजपुर गांव निवासी अभिषेक शुक्ला उर्फ गुरुजी है। उसके ही कहने पर गाड़ी को लेकर उड़ीसा गया, जहां पर गाजीपुर जखनिया का रजत सिंह और रायगढ़ के शुभम सिंह ने गांजा लोड करवाया था। उड़ीसा में रजत ढाबा चलाता है। गांजा बेचने के लिए वह अभिषेक शुक्ला के पास लेकर जा रहा था।
तस्कर अमरजीत ने यह भी बताया कि अभिषेक समेत अन्य लोग कई साल से गांजा तस्करी में लिप्त हैं। वह पहले भी कई बार खेप पहुंचा चुका है। गांजा की सप्लाई समय से पहुंचाने पर एक लाख रुपये अलग से मिलता था। एसटीएफ इंस्पेक्टर जय प्रकाश ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश की जा रही है।
