प्रयागराज (राजेश सिंह)। सड़क हादसे में घायल इलाहाबाद हाईकोर्ट की महिला अधिवक्ता जागृति शुक्ला इलाज के दौरान मौत हो गई। उनका इलाज पीजीआई लखनऊ में चल रहा था। मौत की खबर से अधिवक्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की। लिखा है कि जागृति शुक्ला की मौत अत्यंत पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उधर, कई सोशल मीडिया ग्रुप में भी जागृति शुक्ला की मौत पर अधिवक्ताओं ने दुख जताया है। लिखा है कि यदि एसआरएन के डॉक्टरों ने समयसे उपचार किया होता तो जान बच सकती थी।
हादसे में घायल जागृति शुक्ला को उपचार के लिए जब एसआरएन ले जाया गया था तो कथित तौर पर इलाज में देरी को लेकर जूनियर डॉक्टरों से विवाद हो गया था। इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर ओपीडी सेवा बंद कर दी थी। डॉक्टरों के खिलाफ मारपीट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले 20 जूनियर डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया था। बाद में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को भी हटा दिया गया था।
अधिवक्ता जागृति शुक्ला की मौत के बाद साथी अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने दोपहर लंच के बाद कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया। साथ ही मृतक महिला अधिवक्ता के परिजनों को पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की। महासचिव अखिलेश मिश्र ने कहा कि यह बहुत ही दुखद घटना है। डॉक्टरों की लापरवाही के कारण यह घटना हुई है। पुलिस प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। आरोपी जूनियर डॉक्टर और टक्कर मारने वाले वाहन के चालक को तत्काल गिरफ्तार कार्रवाई नहीं की गई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है। उधर, दोपहर में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के पास अंबेडकर चौराहे पर बैठकर घटना के बारे में दुख व्यक्त करते हुए आगे की रणनीति तैयार की। इसके बाद एकलव्य चौराहा पर जाम लगा दिया गया। इससे आवागमन अवरुद्ध हो गया है।
अधिवक्ता जागृति शुक्ला को टक्कर मारने वाले कार चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दो सप्ताह पहले इंदिरा गांधी मूर्ति चौराहे के पास डस्टर कार ने जागृति को टक्कर मार दी थी। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने सोमवार को आरोपी को पकड़ लिया। पकड़ा गया चालक कैंट इलाके का रहने वाला है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
