मेजा, प्रयागराज (विमल पाण्डेय)। सामाजिक न्याय एवं सर्व समाज के पुरोधा पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की जयंती पर यमुनापार विकास समिति द्वारा आयोजित संगोष्ठी गुरुवार को इन्द्र दमन सिंह स्मृति पब्लिक स्कूल चांद खम्हरिया, मेंजा में सम्पन्न हुई। संगोष्ठी में विचार व्यक्त करते हुए बौद्धिक, सामाजिक कार्यकर्ताओं, संभ्रान्त नागरिकों ने उनकी एक आदमकद प्रतिमा प्रयागराज नगर के प्रमुख चौराहे पर लगवाने की मांग की।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए समिति के संयोजक गजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि राजर्षि विश्वनाथ प्रताप सिंह देश के प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री, रक्षामंत्री एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी बड़ी ही ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, तथा निष्पक्षता से निभाते हुए अपना सम्पूर्ण जीवन दलितों, पिछड़ो, गरीबों, मजलूमों एवं राष्ट्रहित में समर्पित कर दिया। वे स्वार्थी नहीं पुरुषार्थी थे।
आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए स्कूल प्रबंधक अंजय सिंह ने कहाकि अपने क्षेत्र के ऐसे महान विभूतियों की प्रतिमा लगवाना एवं जयंती पर उन्हें याद करना हम सब का नैतिक दायित्व है। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए पूर्व प्रवक्ता गिरधर गोपाल सिंह ने कहा कि वीपी सिंह ने समतामूलक समाज की स्थापना कर समूचे विश्व में क्षेत्र एवं देश का मान बढ़ाया। मुख्य वक्ता के रूप में मोजूद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ वीरेंद्र सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह को कवि हृदय चित्रकार, साहित्यकार, बौद्धिक , प्रखर वक्ता, प्रजापालन राजा, कुशल शासक, त्याग व परमार्थ का अग्रदूत बताया।
अन्त में कार्यक्रम के आयोजक समिति के महामंत्री खेमराज सिंह ने संगोष्ठी में सहभागिता कर रहे सभी महानुभावों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर लाल पुष्पराज सिंह, नागेन्द्र प्रताप सिंह, संकल्प सिंह शिब्बू, ज्योति प्रकाश सिंह बाबा, अखिलेश मिश्र पिन्टू, ज्ञानेन्द्र सिंह, डॉ अरविन्द सिंह, शंकराचार्य भुर्तिया, राजेश सिंह, दयाशंकर विश्वकर्मा, नन्दू सिंह पटेल, डी के सिंह, विन्ध्वासिनी प्रसाद सिंह, पिन्टू सिंह, सुरेन्द्र सिंह, जंगी लाल सिंह, रजनीश सिंह, सरबजीत आदि ने भी विचार व्यक्त किये।
