प्रयागराज (राजेश सिंह)। यमुनापार में बारा तहसील क्षेत्र के छतहरा गुरैठा स्थित सिलिका सैंड का पट्टा लगभग सवा करोड़ रुपये की देनदारी में निरस्त कर दिया गया। यह कार्यवाही खनन विभाग की ओर से की गई है। यह पट्टा शशिकला पांडेय पत्नी विद्यासागर पांडेय निवासी गंगोत्री नगर, डांडी, नैनी के नाम था।
ज्येष्ठ खनन अधिकारी केके राय ने बताया कि पट्टाधारक को नोटिस भेजने के बाद भी धनराशि का भुगतान नहीं किया गया। इस कारण पट्टा निरस्त कर ज्यादा दाम पर सुलभ सक्सेना निवासी महोबा को कर दिया गया। छह हेक्टेयर क्षेत्रफल के सिलिका सैंड के इस पट्टे को अब एक करोड़ 35 लाख रुपये में दिया गया है।
वहीं मेजा के पिपरांव में 10-10 एकड़ के दो गिट्टी खनन का पट्टा, भटौती में 10 एकड़ का गिट्टी खनन का एक पट्टा तथा ममौली में पांच एकड़ का एक गिट्टी खनन का पट्टा खत्म कर दिया गया। अब इन स्थानों पर नए सिरे से पहाड़ पर गिट्टी खनन का पट्टा किया जाएगा। वहीं बालू खनन के लिए यमुना में दो नए खंड मानपुर और मड़ौका में बनाए जा रहे हैं। वहीं गंगा में भी दो बालू खनन के लिए दो खंड बनाए जा रहे हैं। गिट्टी और बालू के नए पट्टों से लगभग 10 करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को प्राप्त हो सकेगा।
