प्रयागराज (राजेश सिंह)। प्रयागराज के जीरोरोड बस स्टेशन को पुनर्विकास कार्य के लिए कुछ माह पूर्व बंद कर दिया गया था। इसके बावजूद, चालक-परिचालकों ने सड़क पर ही बसों का अवैध अड्डा बना लिया है। बसें यात्रियों को बैठाने के लिए सड़क पर खड़ी हो रही हैं, जिससे इलाके में भीषण जाम लग रहा है। इन बसों को अस्थायी रूप से नैनी लेप्रोसी स्थित नए बस स्टेशन पर स्थानांतरित किया जाना था। हालांकि, अधिकांश बसें नैनी जाने के बजाय जीरोरोड के आसपास ही रुक रही हैं।
यात्रियों को बैठाने के चक्कर में बस चालक बीच सड़क पर ही गाड़ियां रोक देते हैं, जिससे पीछे आ रहे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। महोबा, बांदा, मिर्जापुर, सोनभद्र और रीवा रूट की बसों को नैनी लेप्रोसी से संचालित होना था, लेकिन चालक-परिचालक वहां जाने से कतरा रहे हैं।
उनका मानना है कि नैनी जाने से उन्हें शुरुआती सवारियां मिलने में दिक्कत होगी। इसके अलावा, प्रचार-प्रसार की कमी के कारण आम यात्रियों को भी यह जानकारी नहीं है कि उनकी बसें अब कहां से मिलेंगी। रोडवेज कर्मी राजापुर वर्कशॉप से बसों को सीधे जीरोरोड ले आ रहे हैं।
जीरोरोड एक बेहद व्यस्त इलाका है और यहां वाहनों का भारी दबाव रहता है। बस स्टेशन के बाहर बसों के अवैध पड़ाव के कारण स्थिति और खराब हो गई है। सुबह-शाम यहां पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय कारोबारी सुशांत केसरवानी और विजय गुप्ता सहित अन्य व्यापारियों का कहना है कि जब बस स्टेशन बंद कर दिया गया है, तो सड़कों पर बसों को क्यों खड़ा होने दिया जा रहा है।
इस मामले को संज्ञान में लेते हुए एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने खुद मौके का दौरा किया था। वहां खड़ी बसों के चालकों और परिचालकों को नैनी लेप्रोसी जाने के निर्देश दिए गए हैं।
