प्रयागराज (राजेश सिंह/श्रीकान्त यादव)। प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट के यमुनानगर जोन में इन दिनों डीसीपी का दरबार न्याय का दूसरा नाम बन गया है। यमुनानगर जोन के डीसीपी आईपीएस विवेक चंद्र यादव के कार्यकाल की चारों तरफ चर्चा है। उनकी रोजाना जनसुनवाई में फरियादियों की भीड़ उमड़ रही है और हर मामले में तुरंत सुनवाई और कार्रवाई से लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
स्थानीय थानों और चौकियों के चक्कर काटने के बाद निराश हो चुके लोग अब सीधे डीसीपी कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंच रहे हैं और वहां से न्याय पाकर लौट रहे हैं।
हर मामले पर खुद नजर, लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख्ती
डीसीपी विवेक चंद्र यादव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे जनसुनवाई में आने वाले हर प्रार्थना पत्र पर खुद निगरानी रखते हैं। फरियादी की बात को गंभीरता से सुनना, तत्काल संबंधित थाना प्रभारी को फोन कर निर्देश देना और उसका फॉलोअप लेना, यही वजह है कि जनता में उनका भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
यही नहीं, लापरवाही बरतने वाले थानेदारों और चौकी प्रभारियों पर की जा रही सख्त कार्रवाई से पुलिस की कार्यशैली में भी बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। मेजा कोतवाली में दो इंस्पेक्टरों पर हुई हालिया कार्रवाई को इसी सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।
डीसीपी कार्यालय में रोज लगने वाली भीड़ ही इस बात का सबूत है कि डीसीपी के दरबार में न्याय मिलना लगभग तय माना जा रहा है। शंकरगढ़, मेजा, कोरांव, बारा, घूरपुर, करछना, खीरी, कौंधियारा और मांडा समेत पूरे यमुनापार क्षेत्र में डीसीपी ने कई ऐसे पुराने मामलों को सुलझाया है जो 20 साल से लटके हुए थे, जो अब ईमानदारी और न्याय की मिसाल बन गए हैं। कुल मिलाकर यमुनानगर जोन में डीसीपी विवेक चंद्र यादव की जनसुनवाई मॉडल जनता और पुलिस के बीच भरोसे की नई इमारत बनकर उभर रही है।
