प्रयागराज (राजेश सिंह)। पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया के नेतृत्व में प्रयागराज कमिश्नरेट की पुलिसिंग में बदलाव देखने को मिल रहा है। भ्रष्टाचार, लापरवाही और ड्यूटी में अनियमितता के मामलों में कार्रवाई के साथ ही आम जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया जा रहा है।
गुरुवार को हंडिया थाने के कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में एक बार फिर जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई। इससे पहले मांडा थाना प्रभारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है।
पहली बड़ी कार्रवाई—भ्रष्टाचार पर सख्ती
पुलिस कमिश्नर की कार्रवाई का सबसे बड़ा संदेश यही है कि भ्रष्टाचार और ड्यूटी में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। हंडिया और मांडा में हुई कार्रवाई के बाद पुलिसकर्मियों के बीच भी जवाबदेही को लेकर संदेश गया है।
दूसरी बड़ी पहल—जनसुनवाई को बनाया मजबूत
कमिश्नरेट में जनसुनवाई व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। पुलिस कमिश्नर की पहल पर डीसीपी यमुनानगर, डीसीपी गंगानगर और डीसीपी नगर ने अपने-अपने क्षेत्रीय कार्यालयों में जनसुनवाई शुरू की।
इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों से आने वाले फरियादियों को राहत मिली है। अब उन्हें छोटी-छोटी शिकायतों के लिए शहर स्थित अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
तीसरी बड़ी कार्रवाई—अधिकारियों की जिम्मेदारी में बदलाव
पुलिस प्रशासन में जिम्मेदारियों का भी फेरबदल किया गया। डीसीपी नगर रहे मनीष शांडिल्य को डीसीपी क्राइम की जिम्मेदारी दी गई, जबकि डीसीपी क्राइम रहे सागर जैन को डीसीपी नगर बनाया गया।
चौथी बड़ी कार्रवाई—जुएं के खिलाफ अभियान
पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में जुए के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई का उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के साथ पुलिसिंग में सख्ती का संदेश देना है।
पांचवीं बड़ी बात—जवाबदेही और जनता का भरोसा
इन कार्रवाइयों के बीच पुलिस प्रशासन का फोकस सिर्फ अपराधियों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने और फरियादियों की समस्याओं को सुनने पर भी जोर दिया जा रहा है।
फरियादियों का कहना है कि प्रयागराज में लंबे समय बाद ऐसी पुलिसिंग देखने को मिल रही है, जहां एक तरफ जनता की शिकायतों को प्राथमिकता दी जा रही है, तो दूसरी तरफ भ्रष्टाचार, लापरवाही और अपराध के खिलाफ सख्ती दिखाई जा रही है।
यानी प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में संदेश साफ है—जनता की सुनवाई भी होगी और लापरवाही पर कार्रवाई भी।
