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संपूर्ण समाधान दिवस: शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही


26 मामलों में शिकायतकर्ता असंतुष्ट मिलने पर डीएम ने की कार्यवाही

प्रयागराज (राजेश सिंह)। प्रयागराज में शिकायतों के समाधान में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कार्रवाई की है। हंडिया तहसील में शनिवार को हुए संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान, पिछले तहसील दिवस में हल बताए गए 51 मामलों की अचानक जांच कराई गई।17 जिला स्तरीय अधिकारियों से कराई गई जांच में 26 मामलों में शिकायतकर्ताओं का फीडबैक असंतुष्ट मिला। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि, कारण बताओ नोटिस और चेतावनी जारी की गई।

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जिलाधिकारी ने साफ कहा कि सिर्फ कागजों पर शिकायतों का समाधान स्वीकार नहीं किया जाएगा। मौके पर वास्तविक स्थिति और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर समाधान की गुणवत्ता जांची जाएगी। जांच में सतही रिपोर्ट देने वाले कर्मचारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि और संतोषजनक रिपोर्ट नहीं देने वालों को कारण बताओ नोटिस व चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए।

इस कार्रवाई के घेरे में बड़ी संख्या में लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और पुलिसकर्मी आए हैं। राघवेंद्र कुमार पटेल, विनोद कुमार, दिलीप कुमार, राम बाबू सरोज, जितेंद्र कुमार और शैलेश कुमार यादव समेत कई लेखपालों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। रविंद्र कुमार, दीपिका राय, आलोक मौर्या और ममता लेखपाल को चेतावनी मिली है।

इसी तरह ग्राम पंचायत अधिकारी हरिश्चंद्र, ग्राम विकास अधिकारी रविकांत, उपनिरीक्षक रमाकांत तिवारी समेत अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई हुई है।

शालिनी गौतम और मो. इमरान (उपनिरीक्षक थाना उतरांव), गुलाब चंद्र (लेखपाल हंडिया), रमेश पाल व दिलीप कुमार (ग्राम विकास अधिकारी), अंजू जायसवाल (ग्राम विकास अधिकारी), रविंद्र कुमार यादव (उपनिरीक्षक थाना उतरांव), अमित सिंह (पूर्ति निरीक्षक हंडिया) और नीलम कुमारी (ग्राम विकास अधिकारी धनूपुर) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से तहसील दिवस में आने वाली शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन की सख्ती साफ दिखाई दी है। प्रशासन अब हल हुए मामलों का फीडबैक लेकर यह पक्का करने में लगा है कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिली है या नहीं।

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