मेजा, प्रयागराज (श्रीकान्त यादव)। नवागत डीसीपी यमुनानगर मनीष शांडिल्य ने बृहस्पतिवार देर शाम मेजा कोतवाली का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कोतवाली परिसर, अभिलेखागार, मालखाना, हवालात, सीसीटीवी व्यवस्था और साफ-सफाई देखी। निरीक्षण के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त मेजा ब्रजेश पाठक, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक धनंजय पांडेय सहित सभी उपनिरीक्षक और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
डीसीपी ने थाना दिवस रजिस्टर, आगंतुक रजिस्टर और जनसुनवाई से जुड़े रिकॉर्ड जांचे। उन्होंने कहा कि थाने आने वाले हर फरियादी की बात गंभीरता से सुनें और उसकी समस्या का समय पर समाधान करें। फरियादियों से शालीन और संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पीड़ित थाने से निराश होकर न लौटे, यह थाना प्रभारी की जिम्मेदारी है। आईजीआरएस और जनशिकायतों का तय समय में और सही तरीके से निपटारा किया जाए। विवेचनाओं की जांच के दौरान सबूत जुटाने, ई-साक्ष्य प्रणाली का इस्तेमाल करने और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए। लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
मेजा क्षेत्र में अपराध रोकने के लिए उन्होंने संवेदनशील और विवादित इलाकों में रात की गश्त बढ़ाने को कहा। हिस्ट्रीशीटरों और संदिग्ध लोगों पर नजर रखने और घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। आगामी त्योहारों और बाजारों में भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था संभालने और बाजारों में पुलिस की मौजूदगी बनाए रखने को कहा।
डीसीपी ने पुलिसकर्मियों से कहा कि पुलिस की वर्दी जनता के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने अनुशासन, ईमानदारी और संवेदनशीलता से काम करने के साथ थाने की सफाई और रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने को कहा। निरीक्षण के बाद डीसीपी ने कोतवाली के काम को संतोषजनक बताया और कुछ बिंदुओं पर सुधार के निर्देश दिए।
