प्रयागराज (राजेश सिंह)। थरवई स्थित मनसैता गांव के लापता ग्राम प्रधान बुधवार शाम सुरक्षित मिल गए। वह मथुरा के वृंदावन में अपने एक रिश्तेदार के घर पर थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वह घर में किसी बात से नाराज होकर खुद ही वहां चले गए थे। उनके लापता होने के बाद प्रयागराज पुलिस लगातार तलाश कर रही थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोबाइल की लोकेशन भी ट्रेस की थी। ड्रोन कैमरे की मदद से नाले में भी तलाशी अभियान चलाया गया था।
उनके सुरक्षित मिलने की सूचना के बाद पुलिस और परिजनों ने राहत की सांस ली है। प्रयागराज से पुलिस की एक टीम उन्हें वापस लाने के लिए वृंदावन रवाना हो गई है। उनके लौटने के बाद पुलिस घर छोड़कर जाने की वजह और पूरे घटनाक्रम के बारे में पूछताछ करेगी। तलाश में जुटी प्रयागराज पुलिस ने वृंदावन की संबंधित थाना पुलिस से संपर्क किया है। वहां उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रयागराज से पुलिस की एक टीम बुधवार शाम ही वृंदावन के लिए रवाना कर दी गई। टीम उन्हें लेकर प्रयागराज आएगी।
डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार ने बताया कि ग्राम प्रधान सुरक्षित हैं। वह किसी बात से नाराज होकर घर से चले गए थे। उन्हें वृंदावन में एक रिश्तेदार के यहां पाया गया है। प्रयागराज से पुलिस टीम रवाना कर दी गई है। उनके वापस आने और पूछताछ के बाद पूरे मामले की विस्तृत जानकारी सामने आएगी। मनसैता गांव के ग्राम प्रधान 29 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे मोबाइल पर किसी से बात करते हुए घर से निकले थे। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में वह शाम 7:24 बजे तक दिखाई दिए थे। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला।काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने मोबाइल पर संपर्क किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। इसके बाद परिवार के लोगों ने गांव और आसपास के इलाकों में उनकी तलाश शुरू की। पूरी रात खोजने के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली।
भाई ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी
30 अक्टूबर को उनके भाई छत्रपाल यादव थरवई थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की थी। चार दिन तक कोई सुराग नहीं मिलने पर भाई ने अपहरण कर हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में कहा था कि परिवार लगातार उनकी तलाश कर रहा है, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल रही है। उन्हें आशंका है कि किसी ने उनके भाई का अपहरण कर लिया है और उनकी हत्या भी की जा सकती है।
छत्रपाल यादव इलाहाबाद हाईकोर्ट में समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली थी। ग्राम प्रधान का मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर लगाया गया था। जांच के दौरान थरवई रामलीला मैदान के पास उनके मोबाइल की आखिरी लोकेशन मिली थी। इसके बाद ड्रोन कैमरे की मदद से मनसैता नाले में भी तलाशी अभियान चलाया गया था।
सपा विधायक ने की थी सकुशल बरामदगी की मांग
जानकी नाथ यादव ग्राम प्रधान होने के साथ प्रधान संघ के महामंत्री भी हैं। उनके लापता होने की जानकारी मिलने पर सपा विधायक आरके वर्मा और प्रधान संघ के पदाधिकारी थरवई थाने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर जल्द से जल्द सकुशल बरामदगी की मांग की थी।
उधर, उनके अचानक लापता होने से परिवार के लोग परेशान थे। उनकी पत्नी ज्योति यादव ने पहला करवाचौथ व्रत भी रखा था। अब उनके सुरक्षित मिलने की जानकारी से परिवार को राहत मिली है। हालांकि, वह किन परिस्थितियों में घर से गए और इतने दिनों तक परिवार से संपर्क क्यों नहीं किया, यह पुलिस की पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगा।
