नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि उन्हें विश्वास है कि जापान और चीन की उनकी यात्रा राष्ट्रीय हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएगी। इससे क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति, सुरक्षा तथा सतत विकास को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बयान जापान रवाना होने से पहले दिया। अपनी यात्रा के पहले चरण में मोदी 29 और 30 अगस्त को जापान जाएंगे। वहां से वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर चीन जाएंगे।
शिगेरु इशिबा के साथ पहली शिखर बैठक
यह प्रधानमंत्री मोदी की आठवीं जापान यात्रा होगी। शुक्रवार को वह 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह किसी सम्मेलन में उनके जापानी समकक्ष शिगेरु इशिबा के साथ पहली शिखर बैठक होगी।
इससे पहले इसी साल जून में दोनों नेताओं की कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात हुई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली बार मई 2023 में जापान का दौरा किया था। जापान यात्रा को लेकर मोदी ने कहा कि हम अपनी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के अगले चरण को आकार देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जिसने पिछले 11 वर्षों में लगातार प्रगति की है।
पीएम ने कहा कि वह तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर चीनी राष्ट्रपति शी चिनोफग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए उत्सुक हैं। भारत साझा चुनौतियों का समाधान करने और क्षेत्रीय सहयोग को प्रगाढ़ करने के लिए एससीओ सदस्यों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।