प्रयागराज (राजेश सिंह)। जन सेवा केंद्र (सीएससी) की फर्जी आइडी बनाकर हुई 16 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले के तार कई जनपदों से जुड़े हुए हैं। साइबर अपराधियों ने आंबेडकर नगर, भदोही, आजमगढ़ और गाजीपुर समेत अन्य कई जिलों के बिजली उपभोक्ताओं के बिल इसी फर्जी आइडी से जमा किए हैं। अब इनका भी ब्योरा खंगाला जा रहा है। प्रयागराज की साइबर टीम तो इसकी जांच में लगी ही है। इसके अलावा हरियाणा व दिल्ली की पुलिस भी मामले को सुलझाने के लिए प्रयास में जुटी है।
साइबर थाने में दर्ज कराई थी एफआइआर
ई-गवर्नेस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के जिला प्रबंधक शैलेंद्र कुमार सिंह ने हनुमानगंज के चकचूरामन निवासी प्रिंस कुमार व दलापुर निवासी सीएसी संचालक कुलदीप कुमार यादव के खिलाफ पिछले दिनों साइबर थाने में एफआइआर दर्ज कराई थी।
हरियाणा में भी दर्ज है मुकदमा
ब्ैब् थ्तंनक ब्ंेम जिला प्रबंधन का आरोप है कि प्रिंस के नाम पर सीएससी की फर्जी आइडी बनाकर जालसाजी से वालेट में 16 लाख रुपये का टाप-अप किया गया। फिर इससे 11.04 लाख रुपये का लेनदेन हुआ। इसी से संबंधित एक एफआइआर हरियाणा के फरीदाबाद में टेंट व्यापारी सुरेश नागर दर्ज कराई है।यह केस सुरेश नागर के पेटीएम से प्रिंस के वालेट में 2.05 लाख के टाप-अप का है।
दिल्ली पुलिस से भी ली जा रही मदद
ब्ैब् थ्तंनक ब्ंेम इसके अलावा ई-गवर्नेस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के मुख्यालय की ओर से दिल्ली पुलिस से भी मदद ली जा रही है। इस तरह तीन राज्यों की पुलिस इस प्रकरण की छानबीन में जुटी है। पुलिस टीमें व एजेंसी के अधिकारी इस आइडी पर हुए लेन-देन का ब्योरा खंगाल रहे हैं।
साइबर अपराधियों ने तीन दिन में किए 648 लेन-देन
अब तक की छानबीन में कई अहम तथ्य निकल कर आए हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि साइबर अपराधियों ने इस फर्जी आइडी से 12, 13 और 15 दिसंबर को 648 लेन-देन किए थे। आंबेडकर नगर, भदोही, आजमगढ़, गाजीपुर समेत अन्य कई जनपदों के 639 बिजली उपभोक्ताओं के बिल जमा किए गए। इसके अलावा आठ इंश्योरेंस हुए और एक मोबाइल के बिल का भुगतान किया गया। इस तरह 11.04 लाख रुपये वालेट से निकाले गए।
किसने किया सत्यापन, हो रही जांच
साइबर थाने की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सबसे पहले यह देखा जा रहा है कि आइडी जारी करते समय सत्यापन किसने किया। कहीं ऐसा तो नहीं कि बिना सत्यापन के ही आइडी बना दी गई हो। या फिर सत्यापन में ही गड़बड़ी की गई हो। इसके अलावा पुलिस ने मामले में नामजद दोनों आरोपियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। साइबर थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
