बोलीं- राक्षसी सोच वाले हैं ऐसे लोग, बलात्कारी मानसिकता को रोकना जरूरी
प्रयागराज (राजेश सिंह)। कर्नाटक विधानसभा के भीतर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने सदन की कार्यवाही के दौरान बलात्कार जैसी जघन्य घटना पर एक बेहद असंवेदनशील और विवादास्पद टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद न केवल राजनीतिक गलियारों में बल्कि आम जनता और सोशल मीडिया पर भी भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
इस टिप्पणी पर सनातन प्रचारक हर्षा रिछारिया का बयान भी आया है। जिसमें उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में एक बयान सामने आया है, जिसमें कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के एक नेता ने एक बहुत ही घटिया सोच अपनी बताते हुए एक बयान दिया कि अगर बलात्कार होना तय ही है और बलात्कार हो ही रहा है, आप उसे नहीं रोक सकते, तो लेट कर उसके मजे लो।
मैं यह जानना चाहती हूं कि उनके परिवार की कितनी महिलाओं, कितनी बेटियों ने इस मजे को लिया है? बात खुद के परिवार पर आएगी तो शायद बुरी लगे। या हो सकता है उनके परिवार में कोई बहन-बेटी हो ही ना, इसलिए उन्हें पता ना हो कि इस तरह जब बोला जाता है। इस तरह जब कोई इंसान, कोई बेटी इस परिस्थिति से गुजरती है, इस हालात से गुजरती है, तो उस पर क्या बीतती है। इनको पता ही नहीं है।
शर्मनाक... बेहद शर्मनाक!
इन जैसी राक्षसी मानसिकता के लोग ये वही लोग हैं जो बलात्कार को इस देश में बढ़ावा दे रहे हैं। बलात्कार रोकने से पहले बलात्कारी मानसिकता को रोकना बहुत जरूरी है। और इन जैसे लोगों के खिलाफ कदम उठाना जरूरी है, इन जैसे लोगों का बहिष्कार होना जरूरी है, तभी शायद बलात्कार की सोच खत्म होगी। शर्मनाक... बेहद शर्मनाक!
बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर दिया बयान
इसके पहले भी हर्षा ने लव जिहाद और बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर बयान दिया है। प्रयागराज में उन्होंने बोला था कि देश के लोगों को अपनी बेटियों को रानी पद्मावती का जौहर बताना चाहिए अन्यथा वह गैर धर्म मे अपना शौहर खोज लेंगी। वहीं बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए कहा था कि पूछेगा इतिहास एक दिन कि बताओ धर्म का दोषी कौन रहा? तो मुस्कुराना और कहना- जब तक खुद पर नहीं बीती, तब तक हर हिंदू मौन रहा।
