Ads Area

Aaradhya beauty parlour Publish Your Ad Here Shambhavi Mobile Aaradhya beauty parlour

हिंदी विश्वविद्यालय ने उत्साहपूर्वक मनाया 29वां स्थापना दिवस

sv news

प्रयागराज (राजेश सिंह)। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के 29वें स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को 10रू30 बजे विश्वविद्यालय के प्रथमा भवन प्रांगण में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा द्वारा ध्वजारोहण के साथ स्थापना दिवस समारोह का औपचारिक शुभारंभ हुआ। स्थापनोत्सव का मुख्य कार्यक्रम 8 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 11.00 बजे विश्वविद्यालय परिसर स्थित वाचस्पति भवन के प्रांगण में संपन्न हुआ। 

इस अवसर पर ऑनलाइन माध्‍यम से वर्धा मुख्‍याालय में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना सारस्वत संदेश दिया। अपने ऑनलाइन संबोधन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हिंदी भाषा में ज्ञान के सृजन और प्रकाशन का विचार महात्मा गांधी के चिंतन और उनके वचनों के माध्यम से देश को दिशा देता रहा है। इसी विचार परंपरा को आगे बढ़ाते हुए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय अपने उद्देश्यों को साकार कर रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विशिष्टीकृत पाठ्यक्रम, भाषा-विज्ञान एवं भाषा-प्रौद्योगिकी जैसे विषय क्षेत्र हिंदी को ज्ञान की समृद्ध भाषा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

श्री प्रधान ने यह भी कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय हिंदी को एक प्रभावी तकनीकी और ज्ञान-विज्ञान की भाषा के रूप में विकसित करने की दिशा में सराहनीय प्रयास कर रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय से आग्रह किया कि हिंदी के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं में भी इस प्रकार के प्रयास किए जाएँ ताकि देश के अन्य विश्वविद्यालयों को भी प्रेरणा मिल सके।

माननीय श्री धर्मेंद्र प्रधान ने विश्वविद्यालय की उस दूरदर्शी पहल की भी सराहना की जिसके अंतर्गत महत्वपूर्ण हिंदी साहित्य को डिजिटल माध्यमों से संपूर्ण विश्व के लिए उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा नई पीढ़ी से जुड़ेगी और वैश्विक स्तर पर इसके ज्ञान का प्रसार होगा। ज्ञान, संस्कृति और नवाचार के माध्यम से ‘विकसित भारत’ की यात्रा को सशक्त बनाने में विश्वविद्यालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

शिक्षा मंत्री के पश्‍चात विश्‍वविद्यालय द्वारा आमंत्रित केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री माननीय श्री नितिन गडकरी ने ऑनलाइन माध्यम से अपना सारस्वत संदेश दिया। उन्‍होने इस अवसर पर कहा कि महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय एक ऐसा संस्थान है जहां सादगीपूर्ण जीवन में भारतीय संस्कृति, इतिहास और विरासत की गहरी झलक दिखाई देती है। स्वदेशी और स्वावलंबन का गहरा संबंध हमारी भाषा से भी है और हमारी भाषा हिंदी है। महात्मा गांधी जी हिंदी भाषा के प्रबल समर्थक थे। यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि वर्धा जो गांधी जी की कर्मभूमि रही है, वहीं महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की स्थापना हुई। विश्वविद्यालय द्वारा हिंदी साहित्य और गांधी-दर्शन के माध्यम से भाषा को वैश्विक स्तर तक पहुँचाने का निरंतर प्रयास सराहनीय है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, पूर्व शिक्षा मंत्री, भारत सरकार तथा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा द्वारा दीप प्रज्‍ज्वलन एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत के सामूहिक गायन के साथ हुआ।

मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम सभी विश्वविद्यालय की 29 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उत्सव मनाने के लिए एकत्र हुए हैं। यह केवल एक संस्था का नहीं, बल्कि हिंदी भाषा, भारतीय ज्ञान परंपरा और गांधीवादी विचारों की यात्रा का उत्सव है। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और विश्वविद्यालय परिवार- अध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज के सभी वक्तव्यों में विश्वविद्यालय और हिंदी भाषा की भूमिका को अत्यंत सारगर्भित ढंग से प्रस्तुत किया गया है। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय भारत में हिंदी से जुड़ी अपेक्षाओं का एक प्रमुख केंद्र है।

प्रो. शर्मा ने कहा कि कोई भी विश्वविद्यालय शिक्षक, विद्यार्थी और अधिकारियों के सामूहिक प्रयास से ही ऊँचाइयों को छू सकता है।

सारस्‍वत अतिथि प्रो. सुरेंद्र दुबे ने अपने संबोधन में विदर्भ की धरती को नमन करते हुए कालिदास, महात्मा गांधी और विनोबा भावे को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि जो संस्था अपने अतीत से प्रेरणा नहीं लेती, वह मूल्यहीन हो जाती है। 

वरिष्ठ पत्रकार अनंत विजय ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि उन्होंने इस विश्वविद्यालय की यात्रा को प्रारंभ से देखा हैकृजब यह तीन कमरों से शुरू हुआ था। आज यह एक अनूठा और प्रेरणादायक विश्वविद्यालय बन चुका है।  

स्वागत वक्तव्य विश्वविद्यालय के साहित्‍य विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता प्रो. अवधेश कुमार ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। 

कार्यक्रम का आभार ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलसचिव कादर नवाज खान ने दिया। मंच संचालन का दायित्व, प्रदर्शन कला विभाग के प्रो. ओमप्रकाश भारती ने कुशलतापूर्वक निभाया।

विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज के परिसर में प्रो. अखिलेश कुमार दुबे द्वारा ध्वजारोहण विश्‍वविद्यालय के कुलगीत की प्रस्‍तुति के साथ किया गया। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा का 29वां स्थापना दिवस क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज में भी बड़े धूम-धाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत केंद्र के अकादमिक निदेशक प्रो. अखिलेश कुमार दुबे ने राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी के चित्र पर माल्‍यार्पण कर की।  

इस अवसर पर क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज में  डॉ. सुप्रिया पाठक, डॉ. आशा मिश्रा, डॉ. अवंतिका शुक्‍ला, डॉ. अख्‍तर आलम,  डॉ. हरप्रीत कौर, डॉ मिथिलेश तिवारी, डॉ यशार्थ मंजुल, डॉ सत्यवीर, डॉ अश्विनी कुमार सिंह, उमेश शर्मा, दीपेश कुमार, सृष्टि गुप्‍ता, पवन कुमार उपाध्‍याय, ज्‍योति कुमारी आदिवासी, राकेश कुमार, दीक्षा द्विवेदी, विकलेश, प्रशान्‍त पाण्‍डेय, आयुषी उपाध्‍याय, प्रज्ञा भारती, जयेन्‍द्र जायसवाल, प्रत्‍यूष शुक्‍ल, गीता देवी, देवमूर्ति द्विवेदी, सुभाष श्रीवास्‍तव, राहुल त्रिपाठी, बिरजू प्रसाद, जगजीवन राम प्रजापति, रोहित, पीतांबर गौतम एवं अभिषेक चंद्रा सहित आदि उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Top Post Ad