प्रयागराज (राजेश सिंह)। सनातन धर्म की आध्यात्मिक संस्कृति व संस्कारों का संवाहक माघ मेला नई परंपरा का साक्षी बनेगा। कुंभ-महाकुंभ के अमृत स्नान (शाही स्नान) की भांति वैष्णव सम्प्रदाय के संत पर्व स्नान करेंगे। मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी पर ध्वज-पताका, अस्त्र-शस्त्र, बैंडबाजा के साथ वैष्णव सम्प्रदाय के निर्माेही अनी, निर्वाणी अनी और दिगंबर अनी अखाड़ा के सैकड़ों संत संगम स्नान करने जाएंगे।
सतुआ बाबा शिविर में समीक्षा बैठक
डंही डमसं 2026 इसे लेकर बुधवार को खाकचौक व्यवस्था समिति की सतुआ बाबा शिविर में समीक्षा बैठक हुई। समिति के महामंत्री जगदगुरु संतोषाचार्य सतुआबाबा ने कहा कि तीर्थराज प्रयाग का माघ मेला दूसरे शहरों के कुंभ के बराबर होता है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ माघ मेला को मिनी कुंभ की भांति करवा रहे हैं। मेला का क्षेत्रफल बढ़ाने के साथ स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधा का विशेष प्रबंध कराया गया है।
लिए गए अहम निर्णय
डंही डमसं 2026 इसे देखते हुए वैष्णव संप्रदाय के निर्माेही अनी, निर्वाणी अनी और दिगंबर अनी अखाड़ों ने कुंभ-महाकुंभ की भांति वैभव के साथ मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी पर पर्व स्नान करने का निर्णय लिया है। समस्त अखाड़ों के जगदगुरु, महामंडलेश्वर, महंत और पदाधिकारी रथ में आसीन होकर स्नान करने जाएंगे। इसका प्रबंध खाक चौक व्यवस्था समिति की ओर से कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे शामिल
डंही डमसं 2026 वैष्णव संप्रदाय के आराध्य जगदगुरु रामानंदाचार्य दो दिवसीय जन्मोत्सव नौ जनवरी को आरंभ होगा। पहले दिन ध्वज-पताका के साथस जगदगुरु की शोभायात्रा निकाली जाएगी। दूसरे दिन सतुआ बाबा के शिविर में जदगदुरु को पुष्पांजलि अर्पण होगा। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। वह संतों के साथ संगम स्नान भी करने की संभावना है। बैठक में समिति के अध्यक्ष दामोदर दास, महामंडलेश्वर गोपाल जी महाराज, ब्रजभूषण दास, जगदगुरु बिनैका बाबा, भैरव बाबा, हिटलर बाबा, रामभूषण दास आदि मौजूद रहे।
