प्रयागराज (राजेश सिंह)। माघी पूर्णिमा पर विशेष संयोगों के साथ रविवार को गंगा घाटों पर स्नान किया जाएगा। एक फरवरी की भोर 5.20 बजे से दो फरवरी की भोर 3.46 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा। इस अवधि में गंगा स्नान, दान से पुण्य की प्राप्ति होती है। पं. गिरीश प्रसाद मिश्र के अनुसार, इस वर्ष माघी पूर्णिमा रविवार को पड़ रही है, जो सूर्य और चंद्रमा के शुभ संयोग को दर्शाता है। पुष्य नक्षत्र का विशेष योग इस पर्व को अक्षय फल देने वाला बनाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि से कलियुग का आरंभ हुआ था। माघ मास की पूर्णिमा को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
पं. गिरीश प्रसाद मिश्र के अनुसार, मान्यता है कि ब्रह्म मुहूर्त में गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से पापों का क्षय होता है। माघ मास में किए गए स्नान, दान, व्रत और तप के सभी संकल्प माघी पूर्णिमा के दिन पूर्ण होते हैं। इस अवसर पर भगवान विष्णु की विशेष पूजा का विधान है। पीले पुष्प, तुलसी दल, दीप और नैवेद्य अर्पित कर उनकी आराधना की जाती है। विष्णु सहस्त्रनाम, श्रीमद्भागवत पाठ और द्वादशाक्षर मंत्र का जप विशेष पुण्य और फलदायी होता है। आचार्य बताते हैं कि माघी पूर्णिमा के दिन प्रयागराज संगम तट पर कल्पवासियों का कल्पवास पूर्ण होता है। इस दिन किया गया अन्न, वस्त्र, तिल और धन का दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है।
