मौनी अमावस्या तक पहली बार ट्रेनों ने लगाए 3,557 फेरे
प्रयागराज (राजेश सिंह)। इस बार माघ मेला में रेलवे ने ट्रेनों के संचालन का नया कीर्तिमान बना दिया। माघ मेला के शुभारंभ से लेकर मौनी अमावस्या तक ट्रेनों 3,557 फेरे लगाए। रेलवे के अनुसार यह माघ मेला के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह पहली बार है जब मेला अवधि के शुरुआती पखवाड़े में ही ट्रेनों के फेरों की संख्या साढ़े तीन हजार के पार पहुंच गई है, जिससे देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं का सफर बेहद सुगम हुआ है।
रेलवे ने दो जनवरी से स्पेशन ट्रेनों का उतारा था बेड़ा
रेलवे ने दो जनवरी से ही स्पेशल ट्रेनों का बेड़ा उतारा। 18 जनवरी तक संचालित कुल ट्रेनों में 3,068 नियमित फेरे ट्रेनों ने लगाए, जो प्रयागराज जंक्शन के साथ-साथ छिवकी, सूबेदारगंज, रामबाग और प्रयाग जैसे प्रमुख स्टेशनों के जरिए यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाती रहीं।
एनसीआर ने 2,727 ट्रेनों के फेरे लगाए
इस दौरान उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने सर्वाधिक 2,727 ट्रेन फेरे लगाए। जबकि उत्तर रेलवे से 40 और पूर्वाेत्तर रेलवे ने 101 नियमित ट्रेनों के माध्यम से अपनी भागीदारी निभाई। इस दौरान अयोध्या, वाराणसी, चित्रकूट और झांसी जैसे धार्मिक केंद्रों को जोड़ने के लिए रिंग रेल ने 143 फेरे लगाए। जबकि 489 फेरा मेला स्पेशल ट्रेनों ने लगाया। आंकड़ों के लिहाज से मौनी अमावस्या का दिन सबसे चुनौतीपूर्ण और ऐतिहासिक रहा। इस दिन 244 नियमित और स्पेशल ट्रेनें चलीं।
आगामी तीन स्नान पर्वों पर भी चलेंगी स्पेशन ट्रेनें
उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी के अनुसार, स्पेशल ट्रेनों का यह सिलसिला यहीं रुकने वाला नहीं है। चूंकि अभी मेले के तीन प्रमुख स्नान पर्व बाकी हैं, इसलिए आगामी दिनों में स्पेशल ट्रेनों की संख्या में और भी बढ़ोतरी सुनिश्चित की जाएगी ताकि संगम आने वाले किसी भी भक्त को आवागमन में असुविधा न हो।
