प्रयागराज (राजेश सिंह)। घूरपुर इलाके के आसपास ईंट-भट्ठा संचालकों और असामाजिक तत्वों के मिट्टी खनन कराने से बिजली टावरों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। पावरग्रिड के अधिकारियों ने इस वजह से उच्च क्षमता वाली बिजली लाइनों के ध्वस्त होने और माघ मेला समेत अन्य स्थानों पर ब्लैकआउट की आशंका जताई है।
घूरपुर इलाके के आसपास ईंट-भट्ठा संचालकों और असामाजिक तत्वों के मिट्टी खनन कराने से बिजली टावरों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। पावरग्रिड के अधिकारियों ने इस वजह से उच्च क्षमता वाली बिजली लाइनों के ध्वस्त होने और माघ मेला समेत अन्य स्थानों पर ब्लैकआउट की आशंका जताई है। पावरग्रिड के अधिकारियों ने इस खतरे को रोकने और प्रभावी कार्रवाई के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को पत्र लिखा है।
उन्होंने आशंका जताई है कि इस लापरवाही से लाखों लोग प्रभावित हो सकते हैं। यही नहीं माघ मेले में अचानक बिजली गुल होने से अफरातफरी मच सकती है। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन कंपनी पावरग्रिड के मुख्य प्रबंधक जनसंपर्क नीरज पांडेय के मुताबिक बार-बार चेतावनी देने और जिला प्रशासन को सूचना देने के बावजूद ईंट-भट्ठा संचालक नियम तोड़ रहे हैं।
परिणामस्वरूप प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए की जा रही बिजली आपूर्ति चरमरा सकती है। उन्होंने बताया कि टावरों के पास इस तरह से मिट्टी खोदी गई है कि टावर किसी तरह से बस टिके हैं और तारों के सहारे टंगे हैं। मुख्य प्रबंधक ने प्रशासन को एक बार फिर पत्र भेजकर मामले का संज्ञान लेकर मिट्टी खनन बंद कराने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
