प्रयागराज (राजेश सिंह)। मौनी अमावस्या पर स्नान से रोके जाने से आहत ज्योतिष मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानं वसंत पंचमी पर भी स्नान नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगता है तब तक हम फुटपाथ पर ही बैठे रहेंगे और हर वर्ष आकर यहीं पर बैठेंगे।
मौनी अमावस्या पर स्नान से रोके जाने से आहत ज्योतिष मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानं वसंत पंचमी पर भी स्नान नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगता है तब तक हम फुटपाथ पर ही बैठे रहेंगे और हर वर्ष आकर यहीं पर बैठेंगे। अपने शिविर में तब तक प्रवेश नहीं करेंगे जब तक कि ससम्मान स्नान कराकर उन्हें शिविर में प्रवेश नहीं कराया जाता है। शुक्रवार को वसंत पंचमी स्नान पर्व है। तैयारियां जोरों पर हैं। सबकी नजर शंकराचार्य के रुख पर थी। लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह अपनी मांग पर अड़े हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मौनी अमावस्या से ही धरने पर बैठे हैं। वह अपने त्रिवेणी मार्ग पर बद्रिकाश्रम हिमालय शिविर के सामने फुटपाथ पर पालकी पर बैठे हुए हैं। मेला प्रशासन उनको लगातार दो नोटिस जारी कर चुका है। इसका जवाब देने के साथ ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से भी मेला प्रशासन को नोटिस जारी कर 24 घंटे में अपना नोटिस वापस न लेने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। दूसरे नोटिस में मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का स्थायी रूप से मेला में प्रवेश रोकने की चेतावनी दी है। साथ ही शिविर के लिए आवंटित भूमि का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।