प्रयागराज (राजेश सिंह)। मौनी अमावस्या पर माघ मेला में सुबह पीपा पुल नंबर चार को बंद कर दिया गया। वहीं दारागंज से मेला क्षेत्र में जाने वाले पांटून पुल को भी बीच-बीच में बंद किया जाता रहा। इससे झूंसी की ओर भीड़ बढ़ गई। श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी के मद्देनजर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) टिकैट गुट के कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। उधर दारागंज में वेणी माधव मंदिर वाली सड़क पूरी तरह से जाम हो चुकी थी।
भीड़ का दबाव बढ़ता जा रहा था, इसकी वजह से पीपा पुल नंबर चार को माघ मेला प्रशासन की ओर से बंद करा दिया गया। भाकियू कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रशासन को दूर-दूर से संगम स्नान करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए।
उधर नैनी और फाफामऊ के गंगा घाटों पर भी मौनी अमावस्या स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह नजर आया। हर-हर गंगे, गंगा मैया की जय-जयकार करते हुए गंगा में आस्था की डुबकी लोगों ने लगाई। नैनी के सोमेश्वर घाट की तरफ भीड़ अधिक नजर आई। उधर फाफामऊ गंगा घाट पर भी श्रद्धालुओं की काफी भीड़ ने स्नान व पूजन किया।
मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर सुबह आठ बजे तक 1.3 करोड़ लोग आस्था की डुबकी लगा चुके थे। वहीं दोपहर 12 बजे तक 3.15 करोड़ श्रद्धालु पुण्य की डुबकी लगाई। इस दौरान संगम समेत गंगा के विभिन्न स्नान घाटों पर आस्था उमड़ पड़ी थी।
मौनी अमावस्या के दिन रविवार को माघ मेला के त्रिवेणी अस्पताल में एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। अस्पताल प्रशासन में खुशी दिखी। उल्लेखनीय है कि माघ मेला के दौरान त्रिवेणी मार्ग पर अस्पताल संचालित किया गया है। यहां लगातार दूसरे दिन बालिका का जन्म हुआ है।
