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माघ मेले से उठी यूजीसी वापस लेने मांग

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प्रयागराज में संतों की बैठक में समाज को बांटने का काम ना करें सरकार

प्रयागराज (राजेश सिंह)। त्रिवेणी के तट पर चल रहे माघ मेले में संत, महात्माओं ने केंद्र सरकार के न्ळब् को शीघ्र वापस लेने की मांग है। संत, महात्माओं का कहना है कि सरकार के यूजीसी को लागू करने से जहां सामान्य वर्ग की प्रतिभाएं प्रभावित होगी, वहीं समाज में विघटन बढ़ेगा जो देश की एकता और अखंडता के लिए कुठाराघात साबित होगा। ऐसे में केन्द्र सरकार को चाहिए कि वह यूजीसी को तुरंत वापस लें जिससे कि सामान्य वर्ग के आक्रोश को रोका जा सके।

माघ मेला के परशुराम राम परिषद की बैठक में मुख्य अतिथि जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री नरेंद्रानंद सरस्वती महराज, श्री मदजगद्गुरु स्वामी श्री नारायणाचर्या शांडिल्य जी महाराज श्रृंगवेरपुर धाम और महंत चन्द्र देव जी महाराज सच्चा आश्रम सहित अन्य संत शामिल हुए। संतों ने कहा कि सरकार को ऐसा कोई भी विवादित कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे समाज के लोग प्रभावित हों और एक विशेष वर्ग में तनाव का माहौल बने। जिस तरह से पहले चल रहा था उसी तरह से चलने देना चाहिए था।

आखिर सामान्य वर्ग पर निशाना क्यों?

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री नरेंद्रानंद सरस्वती महराज ने कहा कि सरकार को समाज को लेकर चलना चाहिए ना कि समाज को तोडने और विघटित करने का काम करना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार यूजीसी को लाकर समाज में कौन सा संदेश देना चाहती है जबकि सरकार में बैठे लोग भी विरोध कर रहे है।

श्रीमद जगद्गुरु स्वामी श्री नारायणाचर्या शांडिल्य जी महराज ने कहा कि सरकार सामान्य वर्ग पर निशाना साधकर समाज को क्या और कैसा संदेश देना चाहती है, उसको स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम उसके लिए कितना घातक होगा वह सोच नही सकती है, सामान्य वर्ग के लोग सड़कों पर आ गए है और सरकार का सब तरीके से विरोध कर रहे हैं, इससे जहां सरकार की छवि को खराब हो रही वहीं आगामी विधान सभा और लोकसभा के चुनाव में भारी क्षति होगी।

वहीं जयपुर से पधारे जगद्गुरु स्वामी श्याम देवा चर्या जी महाराज ने समाज को विघटित करने का कानून है अभी कानून वापस हो जाय अच्छा होगा वहीं सच्चा बाबा आश्रम के महंत चन्द्र देव जी महाराज ने यूजीसी लेकर साजिश है अभी भी वक़्त है।

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