प्रयागराज (राजेश सिंह)। मकर संक्रांति के बाद विवाह समारोहों की शुरुआत होने जा रही है। लंबे अंतराल के बाद सहालग पड़ने से बाजारों में रौनक लौटने की पूरी उम्मीद है। जनवरी के तीसरे सप्ताह से लेकर फरवरी के अंत तक लगातार विवाह मुहूर्त रहने से व्यापारियों में खासा उत्साह है। अनुमान है कि जिले में प्रतिदिन औसतन 300 से 350 शादियां होंगी, जबकि 22 और 26 जनवरी को शहर में विवाह समारोहों की संख्या कहीं अधिक रहेगी।
इसके अलावा वसंत पंचमी के दिन भी बड़ी संख्या में शादियां संपन्न होंगी। शादी-ब्याह के इस सीजन से सोना-चांदी, कपड़ा, आटोमोबाइल, मेवा, किराना, टेंट, कैटरिंग, होटल, गेस्ट हाउस, बैंड-बाजा और सजावट से जुड़े कारोबार को अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। व्यापारियों का मानना है कि इस बार सहालग अधिक दिनों तक रहने के कारण बाजारों को लंबे समय तक कारोबार मिलने की उम्मीद है।
होटल व गेस्ट हाउस पहले से बुक
शहर के प्रमुख होटल, लाज और गेस्ट हाउस में शादी सीजन की बुकिंग पहले से ही लगभग पूरी हो चुकी है। सिविल लाइंस, जार्जटाउन, कटरा, अल्लापुर, नैनी और झूंसी क्षेत्र के होटल संचालकों के अनुसार जनवरी के अंत से फरवरी तक अधिकांश तिथियों में कमरे उपलब्ध नहीं हैं। होटल संचालकों का कहना है कि बाहर से आने वाले रिश्तेदारों और बरातियों के कारण कमरे की मांग लगातार बढ़ रही है। इस बार मांग अधिक होने के चलते किराये में भी पांच से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिल रही है, इसके बावजूद लोग पहले से बुकिंग कराने में जुटे हैं।
सोना-चांदी बाजार में नई डिजाइनों की भरमार
विवाह सीजन का सबसे अधिक असर सराफा बाजार पर देखने को मिल रहा है। चौक, कटरा, सिविल लाइंस के सराफा बाजारों में ग्राहकों की भीड़ अब बढ़ने की उम्मीद है। इसे लेकर दुकानों में सोने-चांदी के नए-नए डिजाइन के आभूषण उपलब्ध कराए गए हैं। इलाहाबाद ज्वेलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिनेश सिंह का कहना है कि हल्के वजन के गहनों के साथ ही पारंपरिक भारी आभूषणों की भी मांग रहेगी। डिजाइनर हार, चोकर सेट, कंगन, झुमके और पायल की नई-नई डिवाइन मंगवाई गई है। दुल्हनों के लिए खास कलेक्शन तैयार किए गए हैं, जिनमें कुंदन, पोल्की और मीनाकारी के आभूषण प्रमुख हैं। चांदी के बर्तन, सिक्के और गिफ्ट आइटम भी लगभग सभी दुकानों में उपलब्ध हैं। सहालग अधिक दिनों तक रहने से बिक्री में पिछले साल की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद है।
कपड़ा बाजार में साड़ियों और लहंगों की धूम
कपड़ा बाजार में भी तैयारी तेज है। चौक, कटरा, कोठापार्चा, सुलेमसराय और सिविल लाइंस के कपड़ा बाजारों में नई डिजाइन की साड़ियां, लहंगे, शेरवानी और सूट की भरमार है। खासतौर पर बनारसी, कांजीवरम, सिल्क और डिजाइनर साड़ियों की खेप मंगाई गई है। दुल्हनों के लिए रेड, पिंक और पेस्टल शेड्स के लहंगे सबसे अधिक मंगाए गए हैं।। वहीं वर पक्ष के लिए शेरवानी, इंडो-वेस्टर्न और डिजाइनर कुर्ता-पायजामा का स्टाक भी उपलब्ध है। दुकानदार प्रफ्ल्ल मित्तल, मो. अकरम शगुन का कहना है कि हमेशा ग्राहक क्वालिटी और डिजाइन पर ज्यादा ध्यान देते हैं।
आटोमोबाइल सेक्टर में बढ़ी बुकिंग
विवाह सीजन का असर आटोमोबाइल सेक्टर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शहर के विभिन्न शोरूम में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। खासकर बाइक की मांग अधिक देखी जा रही है, क्योंकि इन्हें उपहार स्वरूप भी दिया जा रहा है। कार डीलरों के अनुसार शादी सीजन में छोटी और मिड-सेगमेंट कारों की बिक्री बढ़ती है। कई कंपनियां इस मौके पर विशेष आफर और डिस्काउंट भी दे रही हैं, जिससे ग्राहकों का रुझान बढ़ रहा है। व्यापारियों का मानना है कि जनवरी-फरवरी में वाहन बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी होगी।
मेवा और किराना बाजार में तेजी
शादी-ब्याह के आयोजनों में मेवा और किराना सामान की बड़ी खपत होती है। थोक और खुदरा बाजारों में ड्राई फ्रूट्स, चीनी, तेल, मसाले और अन्य किराना सामान की मांग बढ़ने की पूरी संभावना है। वहीं बादाम, काजू, किशमिश और पिस्ता की बिक्री में तेजी आने की बात कही जा रही है। इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश चंद्र केसरवानी का कहना है कि सहालग शुरू होते ही थोक बाजारों से आर्डर बढ़ जाते हैं। हलवाई और कैटरिंग संचालक बड़ी मात्रा में सामग्रियों का आर्डर अभी से दे रहे हैं, जिससे धीरे-धीरे बाजार में रौनक लौट रही है।
टेंट, कैटरिंग और सजावट कारोबार को मिलेगी रफ्तार
विवाह सीजन का सबसे बड़ा लाभ टेंट, कैटरिंग और डेकोरेशन से जुड़े कारोबार को मिलता है। शहर के टेंट हाउसों में बुकिंग पहले से ही शुरू हो चुकी है। पंडाल, कुर्सी, लाइटिंग और साउंड सिस्टम की मांग बढ़ रही है। कैटरिंग संचालक सुमित कुमार ने बताया कि इस बार लोग मेन्यू में खास ध्यान दे रहे हैं। पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ चाइनीज, साउथ इंडियन और लाइव फूड काउंटर की भी मांग बढ़ी है। सजावट में थीम बेस्ड डेकोरेशन, फूलों की सजावट और लाइटिंग पर खास जोर दिया जा रहा है।
