नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। आज गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुंभाशु शुक्ला को शांति काल के सर्वाेच्च सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया। शुंभाशु शुक्ला को जैसे ही अशोक चक्र से सम्मानित किया गया, उनकी पत्नी कामना शुक्ला मुस्कारते हुए दिखीं। इस मौके पर वे भी गणतंत्र दिवस समारोह में कर्तव्य पथ पर शामिल हुईं।
शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र मिलने पर खुश हुईं पत्नी
शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र मिलने की खुशी उनकी पत्नी के चेहरे पर साफ नजर आ रही थी। कामना शुक्ला की आंखों में खुशी के आंसू भी नजर आए। कर्तव्य पथ पर शुभांशु शुक्ला के स्पेस मिशन की गूंज सुनाई दीं और उनके इसी स्पेस मिशन में असाधारण साहस के लिए ही अशोक चक्र दिया गया है।
शुभांशु शुक्ला का पराक्रम
शुभांशु शुक्ला ने भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमान पायलट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। भारत के इस अशोक चक्र विजेता को सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 सहित कई विमानों को करीब दो हजार घंटे तक उड़ाने का अनुभव है।
शुभांशु शुक्ला पिछले साल जून में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले और अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने थे। उन्होंने ।Ûपवउ-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा की।
