छत्तीसगढ़ में ज्वेलरी कारोबारी को लूटा था, 3.35 करोड़ का माल बरामद
मिर्जापुर (राजेश सिंह)। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सराफा कारोबारी से 3 किलो से ज्यादा सोना और कैश समेत 3.35 करोड़ का माल लूटकर भागे बदमाशों से मिर्जापुर में पुलिस की मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने पैर पर गोली मारकर दो बदमाशों को पकड़ा।
मुठभेड़ अहरौरा थाना क्षेत्र के सक्तेशगढ़ जंगल में बीती रात 11 से 12 बजे के बीच बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपियों से 3.768 किलोग्राम सोने की ज्वैलरी, 1,46,100 नगद, 1 देशी पिस्टल (.32 बोर), 02 तमंचा (.315 बोर) व कारतूस बरामद की है। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया - 18 फरवरी को मुखबिर की सूचना पर सोनबरसा नहर के पास बैरियर लगाकर चेकिंग की जा रही थी। इस दौरान कार से विनोद उर्फ बीनू प्रजापति (निवासी कोटा/अनुपपुर) व करीम खान (बरेली, उप्र) को पकड़ा गया। इनके पास से 1.550 किग्रा आभूषण, 02 तमंचा (.315) व 46,100 रुपये मिले।
दोनों की निशानदेहर पर टीम ने लखनिया दरी जंगल में इनके दो अन्या साथियों को पकड़ने पहुंची, जहां विजय लाम्बा ( निवासी नई दिल्ली) व मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित उर्फ गुडवा (गौतम बुद्धनगर) ने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों के पैर पर गोली मारकर पकड़ा। विजय लांबा और मोनू के पास से 2.218 किग्रा आभूषण, 1 देशी पिस्टल (.32), 1 जिंदा व 1 खोखा कारतूस तथा 1,00,000 नकद बरामद हुए। घायलों को पुलिस कस्टडी में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी विजय लांबा पुत्र रामलाल पर 67 मुकदमें दिल्ली, हरियाणा में दर्ज हैं। वह अपराध की दुनिया में 1991 से सक्रिय है। मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित उर्फ गुडवा पर 11 मुकदमें हैं।
ये सामान हुआ बरामद
बरामद 3.768 किलोग्राम सोने के आभूषण में अंगूठी 176, लाकेट 457 नग , कान की बाली 805 नग, कुल बरामद आभूषण का वजन 3.768 किलोग्राम हैं। बरामद आभूषण की कीमत करीब 5 करोड़ आंका गया है । बिलासपुर छत्तीसगढ़ के थाना सरकंडा इलाके के राजकिशोर नगर में सराफा कारोबारी संतोष तिवारी की कार को टक्कर मारकर बदमाशों ने ज्वेलरी लूट ली थी। छत्तीसगढ़ पुलिस की सूचना के बाद सोनभद्र-मिर्जापुर की पुलिस बदमाशों को ट्रेस कर रही थी। इस घटना के बाद पुलिस अलर्ट मोड पर थी। आईजी रामगोपाल गर्ग खुद मौके पर पहुंचकर अफसरों को दिशानिर्देश देते रहे।
जांच के दौरान टीम ने शहर के आउटर इलाके के ग्राम उरतुम के पास सराफा कारोबारी संतोष की लूटी हुई कार को बरामद कर लिया। जिसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद ली। साथ ही तकनीकी जांच कर आरोपियों को ट्रेस कर लिया। हालांकि, पुलिस अफसर अभी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
पुलिस जांच में पता चला कि वारदात में उपयोग की गई बाइक और कार दोनों चोरी की थी। बाइक अंबिकापुर में पदस्थ नगर सैनिक राकेश चौबे के नाम पर दर्ज है, जिसे आरोपियों ने 13 फरवरी को मैनपाट से चोरी किया था और उसी से वे बिलासपुर आए। वहीं, सफेद रंग की इको वैन वारदात से एक दिन पहले अकलतरा थाना क्षेत्र से चुराई गई थी। जिसकी एफआईआर थाने में दर्ज है।
लुटेरों को पकड़ने के लिए गठित टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई। तीन टीमें टेक्निकल टीम की मदद से यूपी, बिहार और झारखंड रूट पर काम करती रही। एक टीम शहर के होटल और लॉज में आरोपियों के ठहरने और आवाजाही की जानकारी जुटाई। एक अन्य टीम पिछले तीन दिनों के घर से दुकान के बीच लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालती रही। एक टीम घटना स्थल के टॉवर डंप और अन्य टेक्निकल इनपुट पर काम की। फिंगरप्रिंट का मिलान नेफिस के सर्वर पर लोड डाटा से किया गया।
अन्य टीमें संदेहियों की धरपकड़, उर्तुम, सेलर और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की जांच और एफएसएल से मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुट गई। पुलिस अफसरों ने जांच के दौरान हर एक पॉइंट को शामिल किया। इसके साथ ही अलग-अलग जगहों से सीसीटीवी फुटेज की जांच की, तब पता चला कि लुटेरों का गैंग स्कॉर्पियो में भी सराफा कारोबारी का पीछा कर रहा था।
जिसके बाद पुलिस ने उस स्कॉर्पियो की पहचान की। कार बरामद होने के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि लुटेरे स्कॉर्पियो से फरार हुए हैं। जांच में शामिल टीम को पुलिस अफसरों ने शहर के साथ ही प्रदेश भर में गाड़ियां चोरी कर लूट करने वाले गैंग की जानकारी जुटाई। तब पता चला कि दिसंबर महीने में सरकंडा पुलिस ने होटल कारोबारी लखन लाल देवांगन उर्फ निटी (46) के साथ हुई लूट की जानकारी जुटाई। तब पता चला कि आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए तखतपुर से बाइक (सीजी 10 एएस 2450) और अंबिकापुर से बाइक (सीजी 15 सीके 1036) चोरी की थी। लूट की कोशिश विफल होने के बाद चारों ने चोरी की बाइकें रेलवे स्टेशन पर छिपा दी थी।
सरकंडा में होटल व्यवसायी निटी देवांगन से लूट का प्रयास करने वाले गिरोह के एक सदस्य को पुलिस ने मध्यप्रदेश के अनूपपुर से गिरफ्तार किया था। आरोपी गगनदीप बंसल दिल्ली का रहने वाला है। उसने अपने तीन साथी विजय लाम्बा, आमीर और शकील के साथ मिलकर होटल संचालक निटी के गले से सोने की चेन लूटने का प्रयास किया था। इस केस में विजय लाम्बा, आमीर और शकील फरार हैं। पुलिस ने दोनों केस को जोड़कर जांच की, तब अहम सुराग मिला। जिसके आधार पर पुलिस की टीम उनका पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हुई।
बिलासपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद मांगी, जिसके बाद उत्तर प्रदेश एटीएस के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस लुटेरों की तलाश में जुट गई। इस दौरान मिर्जापुर पुलिस ने एक संदिग्ध गाड़ी में सवार लुटेरों का पीछा किया। मिर्जापुर में आज आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जिसके बाद बिलासपुर पुलिस उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी।
