दिपावली और हनुमत जयंती पर लगता है भक्तों का रेला
माण्डा, प्रयागराज (शशि भूषण द्विवेदी)। पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के राजमहल से सम्बन्धित (मल्हिया तालाब) अमृत सरोवर के समीप स्थित हनुमान जी का प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा लगभग दो सौ वर्ष पहले की गई थी।
इस मंदिर की देखरेख, वार्षिक पूजा, और मंगलवार को विशेष पूजा की जिम्मेदारी गांव के ही हनुमान जी के भक्त बड़ी ही जिम्मेदारी से करते हैं। यहाँ साल में दो बार अप्रैल और दीपावली के एक दिन पहले हनुमतजन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इसके साथ गांव के सभी वर्ग के लोग प्रत्येक मंगलवार को मन्दिर पर पहुँचकर हनुमानजी का श्रृंगार व पूजा आरती के बाद सात बार हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।
गाँव के लोग बताते हैं कि इस मंदिर की कई मान्यतायें हैं,यहाँ पूजा करने वाले गाँव के कई युवा आज अच्छी नौकरी कर रहे हैं। कई लोगो ने अपनी बीमारी से भी छुटकारा पाया है। ये कलयुग के जागृत देवता है इनके चरणों मे मत्था टेकने वाला कभी खाली नही लौटता।
