वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनियाभर के देशों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने का एलान किया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि भारत के साथ व्यापार समझौता जारी रहेगा और भारत को अब भी अमेरिका को टैरिफ देना होगा, जबकि अमेरिका भारत को टैरिफ नहीं देगा। ट्रंप ने अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी को लेकर टिप्पणी की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के नए फैसले के बाद भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब भारत से अमेरिका जाने वाले सामान पर लगने वाला टैरिफ घटाकर 10% कर दिया गया है, जो पहले 18% तय किया गया था। यह नया अस्थायी टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा और फिलहाल 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा। ट्रंप ने इसे 'अस्थायी आयात शुल्क' बताया है, जिसका मकसद अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय भुगतान संतुलन से जुड़ी समस्याओं को ठीक करना है।
'पीएम मोदी हमारा फायदा उठा रहे थे'
वहीं, टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कहा कि पीएम मोदी हमारा फायदा उठा रहे थे। उन्होंने साफ कहा कि सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ पर फैसले के बावजूद भारत के साथ हुई ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं होगा। ट्रंप के मुताबिक, 'कुछ भी नहीं बदला है- भारत हमें टैरिफ देता रहेगा, जबकि अमेरिका भारत को कोई टैरिफ नहीं देगा।'
पहले व्यवस्था उलटी थी- डोनाल्ड ट्रंप
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पहले व्यवस्था उलटी थी और भारत अमेरिका पर ज्यादा फायदा उठा रहा था, लेकिन उनकी सरकार ने समझौता पलटकर इसे 'फेयर डील' बना दिया है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें 'महान व्यक्ति' बताया, लेकिन कहा कि व्यापार के मामले में भारत पहले अमेरिका से ज्यादा स्मार्ट साबित हुआ था।
ट्रंप के टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ठहराया अवैध
यह बदलाव इसलिए हुआ क्योंकि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की तरफ से पहले लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ को अवैध ठहरा दिया। अदालत ने 6-3 के फैसले में कहा कि राष्ट्रपति ने अपनी कानूनी सीमा से बाहर जाकर इतने बड़े पैमाने पर टैरिफ लगा दिए थे। यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की आर्थिक नीतियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
भारत पर ट्रंप ने लगाया था 25% टैरिफ
इससे पहले भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा बना था, जिसके तहत अमेरिका ने भारत पर लगे 25% दंडात्मक टैरिफ हटाकर उन्हें 18% तक कम कर दिया था। ये दंडात्मक टैरिफ भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने के कारण लगाए गए थे। ट्रंप ने कहा था कि भारत ने उनके कहने पर रूस से ऊर्जा आयात काफी कम किया और अमेरिकी ऊर्जा खरीदने की प्रतिबद्धता जताई।
अब भारत पर लगेगा 10% टैरिफ
अब नए फैसले के तहत पूरी दुनिया के देशों पर समान रूप से 10% का अस्थायी आयात शुल्क लगाया जा रहा है, इसलिए भारत पर अलग से 18% वाला टैरिफ लागू नहीं रहेगा। हालांकि कुछ जरूरी सामान जैसे दवाइयां, कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा उत्पाद, कृषि वस्तुएं, वाहन और कुछ खनिज इस नए टैरिफ से बाहर रखे गए हैं ताकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान न हो।
फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट के जजों पर बरसे ट्रंप
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने जजों की कड़ी आलोचना की और कहा कि उनका निर्णय निराशाजनक है। उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत के साथ व्यापार समझौता जारी रहेगा और भारत को अब भी अमेरिका को टैरिफ देना होगा, जबकि अमेरिका भारत को टैरिफ नहीं देगा। ट्रंप ने अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने रिश्ते को 'बहुत शानदार' बताया।