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ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चौंपियनशिप- लक्ष्य सेन फाइनल में पहुंचे

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दूसरी बार टॉप-2 में एंट्री; फाइनल में चीनी ताइपे के लिन चुन-यी से भिड़ंत

नई दिल्ली। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चौंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल में कनाडा के विक्टर लाई को 21-16, 18-21, 21-15 से हराया। लक्ष्य अब इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतकर भारत का 25 साल का इंतजार खत्म करने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। इससे पहले पुलेला गोपीचंद ने 2001 में यह खिताब जीता था।

लक्ष्य इस टूर्नामेंट के फाइनल में दूसरी बार पहुंचे हैं। इससे पहले वह 2022 में भी फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन उपविजेता रहे थे। अब फाइनल में उनका सामना चीनी ताइपे के दुनिया के 11वें नंबर के खिलाड़ी लिन चुन-यी से होगा।

लक्ष्य को मेडिकल ब्रेक भी लेना पड़ा

एक घंटे 37 मिनट तक चले इस मुकाबले के दौरान लक्ष्य को मेडिकल ब्रेक लेना पड़ा। मैच के बीच उनके पैर में छाले पड़ गए और उन्हें शरीर में ऐंठन का भी सामना करना पड़ा। ब्रेक के दौरान जांघों की ऐंठन का इलाज कराया गया। हालांकि कोर्ट पर देर से लौटने के कारण अंपायर ने उन्हें येलो कार्ड दिखाकर चेतावनी दी।

इस चौंपियनशिप में लक्ष्य का तीसरा सेमीफाइनल है।

दो भारतीय खिलाड़ियों ने खिताब जीता है

ऑल इंग्लैंड ओपन का इतिहास भारत के लिए बहुत छोटा रहा है। अब तक केवल दो भारतीय खिलाड़ी ही इस खिताब को जीत सके हैंरू

सबसे पहले 1980 में प्रकाश पादुकोण ने इसे जीता था। उसके बाद 2001 में पुलेला गोपीचंद ने जीता था। वहीं, 2022 में लक्ष्य फाइनल में पहुंचे थे। इनके अलावा प्रकाश नाथ (1947) और सायना नेहवाल (2015) फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन खिताब नहीं जीत पाए।

चीन के ली शिफेंग को हरा कर सेमीफाइनल में पहुंचे थे

लक्ष्य ने चीन के पूर्व चौंपियन और वर्ल्ड नंबर-6 ली शिफेंग को सीधे गेम में हरा कर सेमीफाइनल में पहुंचे थे। वह तीसरी बार टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में एंट्री की थी। एक घंटे चले मुकाबले में उन्होंने ली शिफेंग को 21-12, 21-16 से हराया। उन्होंने पहले राउंड में वर्ल्ड नंबर-1 चीन के शी यूकी को हराया था। टूर्नामेंट की इनामी राशि 14,50,000 अमेरिकी डॉलर है।

लक्ष्य ने ली शिफेंग को 21-12, 21-16 से हराया।

लंबी रैली के बावजूद अच्छा खेल जारी रखा

सेमीफाइनल मैच के बाद लक्ष्य ने कहा, “मैं दोनों गेम में अपने खेल से खुश हूं। शिफेंग ने भी अच्छा खेला। लंबी रैलियां हुईं और हम दोनों थक रहे थे, लेकिन मैंने लंबी रैलियों के बाद भी अच्छा खेल जारी रखा।”

उन्होंने कहा, “कोच ने कहा था कि लंबी रैलियों के बाद ज्यादा तैयार रहो, क्योंकि वह भी थक रहा है, इसलिए आसान गलती मत करो।”

शिफेंग के ओवरहेड क्रॉसकोर्ट स्मैश को पढ़ने में दिक्कत हुई

मैच में लक्ष्य ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत करते हुए 4-1 की बढ़त बनाई और आक्रामक खेल से इसे 10-4 तक पहुंचाया। ब्रेक तक वे 11-6 से आगे थे। हालांकि, उन्हें शिफेंग के ओवरहेड क्रॉसकोर्ट स्मैश को पढ़ने में थोड़ी दिक्कत हुई, फिर भी उन्होंने 15-11 की बढ़त बना ली। शिफेंग ने लंबी रैली जीतकर स्कोर 13-15 किया, लेकिन लक्ष्य ने नेट कॉर्ड की मदद से बढ़त 18-13 कर दी और पहला गेम 24 मिनट में अपने नाम किया।

लक्ष्य ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत करते हुए 4-1 की बढ़त बनाई।

बराबरी के बाद आगे हुए लक्ष्य

दूसरे गेम में एंड बदलने के बाद शिफेंग बेहतर दिखे और स्कोर 6-6 तक बराबर रहा। इसके बाद लक्ष्य ने शानदार डिफेंस और स्मैश से बढ़त बनाई। 45 शॉट की लंबी रैली जीतकर शिफेंग ने स्कोर 15-19 किया, लेकिन जल्द ही लक्ष्य ने मैच पॉइंट हासिल कर लिया।

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