मांग पूरी करने के लिए सीनेट को किया दरकिनार
वाशिंगटन। अमेरिकी विदेश विभाग ईरान युद्ध में आपातकाल घोषित कर कांग्रेस की मंजूरी को दरकिनार करते हुए इजरायल को लगभग 66 करोड़ डॉलर मूल्य के 20,000 से अधिक बम बेच रहा है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार रात एक बयान जारी कर कहा कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने तय किया कि एक आपात स्थिति के कारण इजरायल को 1,000 पाउंड के 12 हजार बड़े बमों की तत्काल बिक्री आवश्यक है। ट्रंप प्रशासन को ईरान युद्ध के लिए कांग्रेस से कोई मंजूरी नहीं मिली है। इन 12 हजार बमों के अलावा 500 पाउंड के 10,000 बम और 5,000 छोटे व्यास वाले बम भी इजरायल को बेचे जाएंगे।
विदेश विभाग ने घोषणा में इन विवरणों का उल्लेख नहीं किया, लेकिन दो वर्तमान अमेरिकी अधिकारियों और विदेश विभाग में हथियार हस्तांतरण पर काम करने वाले एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी, जोश पाल ने कहा कि ये आपातकालीन बिक्री का हिस्सा है। वर्तमान अधिकारियों ने संवेदनशील हथियार लेनदेन पर चर्चा करने के लिए नाम न छापने की शर्त पर बात की।
यह पहली बार है कि दूसरे ट्रंप प्रशासन ने औपचारिक रूप से आपातकाल की घोषणा की है, जो शस्त्र निर्यात नियंत्रण अधिनियम के तहत इजरायल को हथियार बेचने के लिए कांग्रेस को दरकिनार करने की अनुमति देता है। प्रशासन ने इजरायल को हथियार बेचने या हथियार सहायता भेजने के लिए कांग्रेस में अनौपचारिक अनुमोदन प्रक्रिया को तीन बार दरकिनार किया है, लेकिन इससे पहले कभी आपातकाल की घोषणा नहीं की थी।
जनवरी में, विदेश विभाग ने कांग्रेस को दरकिनार करते हुए घोषणा की थी कि वह इजरायल को कुल 6.5 अरब डालर की चार हथियार प्रणालियां भेज रहा है। इन पैकेजों में अपाचे हमलावर हेलीकाप्टर और सैन्य वाहन शामिल थे। हथियारों की बिक्री पर दो संसदीय समितियों में महीनों से अनौपचारिक समीक्षा चल रही थी, लेकिन विदेश विभाग ने निर्यात को आगे बढ़ाने का फैसला किया।
संयुक्त राज्य अमेरिका हर साल इजरायल को 3.8 अरब डालर की सहायता देता है, जिसका उपयोग इजराइल हथियार खरीदने के लिए करता है। ये हथियार प्रणालियां अक्सर अमेरिकी कंपनियों द्वारा बनाई जाती हैं, लेकिन हमेशा नहीं। कभी-कभी इजरायल अमेरिकी कंपनियों से अपने हथियारों की खरीद का भुगतान स्वयं करता है।
हथियारों के उत्पादन में तेजी लाने को ट्रंप की रक्षा कंपनियों के साथ बैठक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को देश की सात प्रमुख रक्षा निर्माता कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ईरान पर हालिया अमेरिकी हमलों और अन्य सैन्य अभियानों के कारण कम हुए हथियारों के स्टाक को फिर से भरना और उत्पादन की गति को बढ़ाना है। ट्रंप ने लाकहीड मार्टिन, बोइंग, नाथ्र्राप ग्रुम्मन और रेथियान (आरटीएक्स) जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ उत्पादन कार्यक्रमों पर चर्चा की। बैठक में लाकहीड मार्टिन द्वारा इंटरसेप्टर मिसाइलों (पीएसी-3 और थाड) की उत्पादन क्षमता को कई गुना बढ़ाने के समझौतों पर भी चर्चा हुई।
ट्रंप ने इंटरनेट मीडिया पर जानकारी दी कि कंपनियां सटीक-निर्देशित युद्धक सामग्रियों के उत्पादन को चार गुना तक बढ़ाने पर सहमत हुई हैं। पेंटागन जल्द ही लगभग 50 अरब डालर के पूरक बजट की मांग कर सकता है। यह राशि हाल के संघर्षों में इस्तेमाल हुए हथियारों की भरपाई के लिए प्रस्तावित है, जो रिपब्लिकन के ''वन बिग ब्यूटीफुल बिल'' के तहत 150 अरब डालर के अतिरिक्त रक्षा खर्च के अलावा होगी।
