होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका की चुनौतियां बरकरार
वाशिंगटन। सेटेलाइट डाटा और वीडियो के विश्लेषण से पता चला है कि अमेरिकी और इजरायली हमलों के पहले हफ्ते में ही ईरानी नौसेना को भारी नुकसान हुआ है। दो नौसैनिक अड्डों पर ही ईरान ने कम से कम सात युद्धपोत और महत्वपूर्ण नौसैनिक ढांचा गवां दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट में एक भूमिगत नौसैनिक अड्डे के प्रवेश द्वार भी हमले का शिकार हुआ। ईरान को हुए इस नुकसान के बावजूद अमेरिकी व इजरायली सेनाओं के लिए होर्मुज स्ट्रेट में तेहरान को बेअसर करने की चुनौतियां बनी हुई हैं।
अमेरिका व इजरायल के अभी तक के हमलों में ईरान की नियमित नौसेना 'इस्लामिक रिपब्लिक आफ ईरान नेवी' को अधिक निशाना बनाया गया है, जो पारंपरिक युद्धपोतों का संचालन करती है।
ईरान के पास दूसरी नौसेना भी है, जिसे रिवोल्यूशनरी गार्ड संचालित करते हैं, जो गुरिल्ला वारफेयर जैसे अपारंपरिक युद्ध में माहिर है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड की नौसेना के बेड़े में इस हफ्ते नष्ट हो चुके पारंपरिक युद्धपोतों के अलावा बड़ी संख्या में स्पीड बोट व बिना चालक दल वाले जहाज जैसे हल्के पोत शामिल हैं जिन्हें निशाना बनाना ज्यादा मुश्किल हो सकता है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड की नौसेना के पास मुख्य रूप से होर्मुज स्ट्रेट और फारस की खाड़ी की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। लिहाजा होर्मुज स्ट्रेट को फिर से पूरी तरह से आवागमन के लिए खोलने के लिए अमेरिका को दूसरे खतरों के साथ-साथ इस नौसेना को और कमजोर करना होगा।
वाशिंगटन-स्थित क्रिटिकल थ्रेट्स प्रोजेक्ट के निकोलस कार्ल ने कहा, ''कुल मिलाकर बात यह है कि ईरान की नियमित नौसेना से जुड़े जहाजों का डूबना बड़ी सफलता है। लेकिन ईरान के पास अभी भी फारस की खाड़ी के आसपास के जहाजों, खासकर असैन्य जहाजों को धमकाने के साधन हैं।''
