प्रयागराज (जितेंद्र शुक्ल)। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर से तीर्थ यात्रा पर निकले दुर्गा पूजा समिति के श्रद्धालुओं का प्रयागराज आगमन पर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भारत सरकार जगत प्रकाश नड्डा के पैतृक गांव बिलासपुर से आए तीर्थ यात्रियों का नगर आगमन पर महापौर गणेश केसरवानी ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया, इस दौरान जगत प्रकाश नड्डा जी की धर्म पत्नी ने महापौर गणेश केसरवानी से फ़ोन पर वार्ता भी की।
बिलासपुर के दुर्गा पूजा समिति के श्रद्धालु अपनी धार्मिक यात्रा के क्रम में अयोध्या और वाराणसी में भगवान के दर्शन-पूजन करने के बाद संगम नगरी प्रयागराज पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान कर पूजा-अर्चना की और शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। इस अवसर पर महापौर गणेश केसरवानी ने तीर्थ यात्रियों का माल्यार्पण कर स्वागत करते हुए उन्हें प्रयागराज की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी दी।
महापौर ने कहा कि प्रयागराज सदियों से देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर स्थित यह पावन भूमि भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले तीर्थ यात्रियों का सम्मान करना हम सभी के लिए गर्व और सौभाग्य की बात है।
उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम प्रयागराज श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। शहर में स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि यहां आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
दुर्गा पूजा समिति, बिलासपुर से आए तीर्थ यात्रियों ने भी प्रयागराज में मिले सम्मान और स्वागत के लिए महापौर का आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज की यह यात्रा उनके लिए अत्यंत आध्यात्मिक और प्रेरणादायक अनुभव रही है।
इस अवसर पर पार्षद गण विनय कुमार मिश्रा (सिंटू), शिव भारतीय, दीपक कुशवाहा, आनंद जायसवाल सहित, अंकुश शर्मा (मोनू), अन्य स्थानीय गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर तीर्थ यात्रियों का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और प्रयागराज की पवित्र धरती पर उनके आगमन को सौभाग्य बताया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने संगम क्षेत्र की आध्यात्मिकता और प्रयागराज की सांस्कृतिक परंपराओं की सराहना की। इस स्वागत समारोह ने धार्मिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का संदेश देते हुए तीर्थ यात्रियों और स्थानीय नागरिकों के बीच आत्मीयता का माहौल बनाया।
