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यूपीएससी: 301वीं रैंक पर दो आकांक्षा सिंह का दावा

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नए विवाद के बीच आयोग पर टिकी निगाहें

नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में 301वीं रैंक पर आकांक्षा ¨सह नाम की दो महिला अभ्यर्थियों के दावे से विवाद खड़ा हो गया है। परिणाम आने के दूसरे दिन शनिवार को भी उप्र व बिहार की दोनों अभ्यर्थियों ने चयन को लेकर अपना-अपना दावा पेश किया।

वहीं, इन विरोधाभासी दावों के बीच सभी की नजर संघ लोक सेवा आयोग के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी है। बिहार के आरा की आकांक्षा ¨सह ने शनिवार को मुख्य परीक्षा से संबंधित तथ्यों को रखा। वह रणवीर सेना के संस्थापक स्व. ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती और इंदुभूषण ¨सह की पुत्री हैं।

रोल नंबर के साथ वीडिया किया वायरल

मीडिया में उनके चयन की बात आते ही गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा ¨सह ने 301वें नंबर पर अपने चयन का दावा करते हुए इससे संबंधित प्रवेश पत्र और रोल नंबर के साथ वीडिया वायरल किया। गाजीपुर के जमानियां ब्लाक की रहने वाली डॉ. आकांक्षा ने पटना एम्स से एमबीबीएस और एमएस किया है और स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। पिता रंजीत ¨सह वायुसेना में जूनियर वारंट आफिसर हैं।

आयोग को ई-मेल करने की बात कही

वहीं, अपने दादा के निधन पर गांव पहुंचीं डॉ. आकांक्षा ने कहा कि उन्होंने प्री, मेंस और इंटरव्यू तीनों परीक्षाएं रोल नंबर 0856794 से दी थीं और उनकी 301वीं रैंक आई है। इस संबंध में वह आयोग को ई-मेल भी करने वाली हैं। एडमिट कार्ड पर मौजूद बारकोड को स्कैन करने पर भी यही रोल नंबर आता है। डॉ. आकांक्षा को यह सफलता दूसरे प्रयास में मिली है।

फार्म की कॉपी भी दिखाई

उधर, दूसरी तरफ, आरा की आकांक्षा ¨सह का कहना है कि यूपीएससी में साक्षात्कार उन्हीं का हुआ है और 301वीं रैंक भी उन्हीं का है। उन्होंने मुख्य परीक्षा के लिए भरे जाने वाले फार्म की कॉपी भी दिखाई। साक्षात्कार में बुलाए जाने वाले ई-समन प्रवेश पत्र मांगे जाने पर उन्होंने कहा कि मोबाइल फार्मेट हो गया है, इसलिए वह साक्षात्कार के बाद मिस हो गया है, लेकिन उसकी कॉपी जनरेट करने के लिए उन्होंने यूपीएससी को मेल किया है।

उन्होंने कहा कि धौलपुर हाउस में उनका सुमन शर्मा के बोर्ड में साक्षात्कार हुआ और वहां के सीसीटीवी में साक्षात्कार में जाते हुए और आते हुए उन्हें देखा जा सकता है। उनका कहना है कि उन्होंने डैफ (डिटेल्स एप्लीकेशन फार्म) भरा है और इसकी कापी भी दिखा रही हैं, यह फार्म मुख्य परीक्षा में सफल होने के बाद ही भरा जाता है, जिसमें अभ्यर्थी का विस्तृत विवरण होता है।

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