प्रयागराज (राजेश सिंह)। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की आरे से घोषित सिविल सेवा परीक्षा-2025 के अंतिम परिणाम में प्रयागराज के युवाओं ने अपनी मेहनत और लगन से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस सूची में प्रखर शुक्ला और शिवानी त्यागी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
परिश्रम, धैर्य और समर्पण से उपलब्धि
प्रखर शुक्ला ने अपने दूसरे प्रयास में 787वीं रैंक प्राप्त कर सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है। अपने पहले प्रयास में ही वे साक्षात्कार चरण तक पहुंच गए थे, जिससे उनकी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का परिचय मिल गया था। दूसरे प्रयास में निरंतर परिश्रम, धैर्य और समर्पण के बल पर उन्होंने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की।
बस्ती के हरैया के मूल निवासी हैं प्रखर
मूलरूप से बस्ती के हरैया के रहने वाले प्रखर शुक्ला का परिवार प्रयागराज शहर के अल्लापुर मुहल्ले में रहता है। पिता डाॅ. पंकजेश कुमार शुक्ला वासुदेव रामकृष्ण महाविद्यालय सोरांव में प्राचार्य हैं। प्रखर ने एमएल कान्वेंट से 12वीं करने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी किया। इसके बाद पहले प्रयास में साक्षात्कार तक पहुंचे और चयन से महज 21 नंबर पीछे रह गए।
प्रखर ने आनलाइन तैयारी की
प्रखर ने प्रयागराज में रहकर ही आनलाइन तैयारी की और दूसरे प्रयास में सफलता पा ली। प्रखर ने सफलता का श्रेय अपनी मां ज्योत्सना शुक्ला और पिता को दिया है। भगीरथ सेवा संस्थान के संस्थापक अवनीश सिंह चंदेल ने शुभकामनाएं दी है।
अंतिम प्रयास में शिवानी ने पाई सफलता
हापुड़ की शिवानी त्यागी ने भी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 807वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है। शिवानी त्यागी ने अपनी तैयारी प्रयागराज में अपनी बहन मीनू त्यागी के यहां रहकर की। मीनू त्यागी रेलवे में अधिकारी हैं। शिवानी के पिता हृदेश त्यागी परिवहन व्यवसाय से जुड़े हैं। उनके एक भाई रेलवे पुलिस में कार्यरत हैं, जबकि दूसरा भाई पारिवारिक ट्रांसपोर्ट व्यवसाय संभालता है।
परिवार और क्षेत्र में उत्साह का माहौल
शिवानी त्यागी का यह अंतिम प्रयास था और उन्होंने इसी प्रयास में सफलता प्राप्त कर अपनी मेहनत को सार्थक कर दिया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि शिवानी शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं और प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना लंबे समय से देख रही थीं। उनकी सफलता से परिवार और क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। शिवानी की बहन मीनू त्यागी के साथ-साथ उनके बहनोई राहुल सिंह भी रेलवे में अधिकारी हैं, जिससे परिवार में प्रशासनिक और सरकारी सेवाओं की प्रेरणादायक परंपरा दिखाई देती है।
