हाईस्कूल की 700, इंटरमीडिएट की 600 से ज्यादा कापियां नहीं जांच सकेंगे परीक्षक
प्रयागराज (राजेश सिंह)। यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं। अब शेष बचे विषयों की पांच दिवसों में परीक्षाएं संपन्न कराए जाने की तैयारी के बीच यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की रूपरेखा तय कर दी है।
रोज हाईस्कूल की 50, इंटर की 45 कापियां जांच सकेंगे
गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन के लिए पूरे मूल्यांकन अवधि में हाईस्कूल के परीक्षकों को अधिकतम 700 तथा इंटरमीडिएट के परीक्षकों को 600 से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं आवंटित नहीं की जाएंगी। कला विषय के परीक्षक पूरी अवधि में अधिकतम 800 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर सकेंगे। इस तरह एक परीक्षक एक दिन में हाईस्कूल की 50 तथा इंटरमीडिएट की 45 से ज्यादा कापियां नहीं जांच सकेंगे।
19 मार्च से मूल्यांकन कार्य शुरू हो सकता है
18 फरवरी से आरंभ हुईं यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 12 मार्च को संपन्न होंगी। इसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं को मूल्यांकन के लिए प्रदेश भर में बनाए गए 249 केंद्रों पर भेजा जाएगा। परीक्षा संपन्न होने के एक सप्ताह में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू कराया जाएगा। इस तरह 19 मार्च से मूल्यांकन शुरू कराया जा सकता है। उत्तर पुस्तिकाओं के जांचने का कार्य 15 दिन चलेगा।
करीब 1.48 लाख परीक्षक नियुक्त किए जाएंगे
इसके लिए पिछले वर्ष की तरह करीब 1.48 लाख परीक्षक नियुक्त किए जाएंगे। परीक्षकों की सूची का परीक्षण कर लिया गया है। मूल्यांकन केंद्र प्रभारी, उप प्रधान परीक्षक (डीएचई) तथा परीक्षकों के लिए निर्देश पुस्तिका तैयार की जा रही है, उसी अनुरूप मूल्यांकन के पहले परीक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हाईस्कूल कापी में 14, इंटर पारिश्रमिक 15 रुपये
हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन का पारिश्रमिक 14 रुपये तथा इंटरमीडिएट का पारिश्रमिक 15 रुपया प्रति उत्तरपुस्तिका के हिसाब से दिया जाएगा। अप्रैल के शुरुआती दो तीन दिन में मूल्यांकन पूर्ण करा लिया जाएगा। वर्ष 2025 में दो अप्रैल को मूल्यांकन पूर्ण हुआ था, जबकि 25 अप्रैल को परिणाम घोषित किया गया था। इस तरह वर्ष 2026 की परीक्षा का परिणाम अप्रैल के अंतिम सप्ताह में घोषित किया जा सकता है।
