प्रयागराज (राजेश सिंह)। इलाहाबाद हाइकोर्ट में सांस्कृतिक विरासत के तहत हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद के तत्वावधान में गंगा-जमुनी महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा, न्यायिक शिष्टता, सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक एकात्मता का सजीव प्रतीक बनकर उभरा।
कई न्यायमूर्ति मौजूद रहे
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति (डॉ.) गौतम चौधरी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद एवं न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ला मौजूद रहे। ख्यातिलब्ध कवियों एवं शायरों श्रीरंग पाण्डेय (संयोजक) ,सत्यपाल सानंद (मेरठ), प्रांजलि दीक्षित (कानपुर), लोटा मुरादाबादी, सुल्तान सिंह सुल्तान, प्रकाश निर्मल बरेली, जावेद शोहरत (प्रयागराज), वसीम मंजर गोरखपुरी, मुकेश मासूम (भोपाल) अकलम बलरामपुरी, अनीता अनुश्री (कानपुर) और सुजीत जायसवाल सहित अन्य कवि-कवयित्रियों ने अपनी ओजस्वी एवं भावप्रवण प्रस्तुतियों से समस्त सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मानवीय मूल्यों पर काव्य पाठ
राष्ट्रीय एकता, सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक विविधता तथा मानवीय मूल्यों जैसे विषयों पर आधारित काव्य-पाठ एवं मुशायरे ने उपस्थित जनसमूह के हृदय में गहन संवेदना एवं चिंतन का संचार किया।
बार एसोसिएशन के पदााधिकारियों से सराहा
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा कार्यक्रम का अनुशासित, सुव्यवस्थित एवं उत्कृष्ट संचालन, न्यायिक अनुशासन एवं प्रशासनिक दक्षता का स्पष्ट परिचायक रहा। यह आयोजन “गंगा-जमुनी तहजीब” की उस अमूल्य परंपरा को पुनः सुदृढ़ करने में पूर्णतः सफल रहा, जो भारतीय सांस्कृतिक धरोहर की आधारशिला है। इस अवसर पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा सहित बार एसोसिएशन के समस्त पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में अधिवक्तागण सहभागी रहे।

