प्रयागराज (राजेश सिंह)। करछना के पचदेवरा में ट्रेन की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत के बाद रेलवे प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। इस हृदयविदारक घटना ने रेल सुरक्षा को लेकर न सिर्फ सवाल खड़े किए हैं, बल्कि अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा करने पर मजबूर कर दिया है। हादसे से सबक लेते हुए रेलवे ने अब ट्रैक पर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने का एलान कर दिया है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे पटरियों के आसपास गश्त बढ़ाएं और किसी भी सूरत में अनधिकृत रूप से ट्रैक पार करने वालों को न बख्शें। रेलवे की इस सख्ती का असर अब स्टेशनों और ट्रेनों के भीतर भी दिखने लगा है। ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात एस्कॉर्ट टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इन सुरक्षाकर्मियों को हिदायत दी गई है कि वे न केवल असामाजिक तत्वों पर नजर रखें, बल्कि उन यात्रियों को भी तत्काल रोकें जो चलती ट्रेन से उतरने या पायदान पर खड़े होकर यात्रा करने का जोखिम उठाते हैं। इसके साथ ही आरपीएफ ने अब आम जनमानस को जागरूक करने के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल के कानपुर, फतेहपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज, सूबेदारगंज, अलीगढ़, टूंडला, खुर्जा, इटावा, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, हाथरस आदि स्टेशनों पर आरपीएफ की ओर से बृहस्पतिवार को यात्रियों को यह समझाने की कोशिश की गई कि चंद पलों की जल्दबाजी या लापरवाही जीवन भर का मातम बन सकती है।
वहीं, रेलवे के आंकड़ों पर नजर डालें तो ट्रैक पर बिना वजह घूमने और नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ आरपीएफ पहले से ही काफी सक्रिय रही है। बीते एक वर्ष के भीतर आरपीएफ ने रेलवे ट्रैक पर अवैध रूप से घूमने और ट्रेनों से गलत तरीके से उतरने वाले 1962 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनसे जुर्माने के तौर पर अब तक 8,58,725 रुपये की भारी-भरकम राशि वसूली जा चुकी है।
जागरूकता अभियान के साथ संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग और सघन जांच की जाएगी, ताकि भविष्य में पुरुषोत्तम एक्सप्रेस जैसे हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। ट्रेनों में एस्कार्ट करने वाले सुरक्षाकर्मियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे यात्रियों को जागरूक करें। अगर कोई रेलवे ट्रैक पर उतरता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। - वीपी पंडित, सीनियर डीएसएसी, प्रयागराज मंडल
