ऑनलाइन बिक्री के विरोध में दवा व्यापारियों का विरोध
प्रयागराज (राजेश सिंह)। प्रयागराज में ऑनलाइन दवा बिक्री और अवैध ई-फार्मेसी के विरोध में बुधवार को दवा व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। प्रयागराज केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले शहर भर के केमिस्ट कारोबारियों ने विरोध प्रदर्शन किया और ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग उठाई।
सुबह से ही शहर की ज्यादातर मेडिकल दुकानों के शटर बंद रहे। दवा व्यापारियों ने बैठक कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। प्रयागराज में करीब 6 हजार दवा लाइसेंस हैं और लगभग सभी दुकानदारों ने विरोध में अपनी दुकानें बंद रखीं।
शहर के बालसन चौराहा, लीडर रोड समेत थोक दवा बाजार पूरी तरह बंद रहे। इन इलाकों में हर तरह की दवाएं मिलती हैं, लेकिन दुकानें बंद होने से मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रयागराज के अलावा आसपास के जिलों से दवा लेने आने वाले लोग भी दिनभर भटकते रहे और कई लोगों को बिना दवा के ही वापस लौटना पड़ा।
हालांकि स्वरूपरानी अस्पताल परिसर की मेडिकल दुकानें खुली रहीं। इसके अलावा कुछ निजी फार्मेसी जैसे अपोलो फार्मेसी में दवाएं मिलती रहीं, लेकिन बाकी शहर में मेडिकल सेवाएं लगभग ठप नजर आईं। दवा व्यापारियों का कहना है कि जब तक ऑनलाइन और अवैध ई-फार्मेसी पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
चेयरमैन आर्गेनाईजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट उत्तर प्रदेश राणा चावला ने कहा- कि ऑनलाइन दवा बिक्री ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के पूरी तरह खिलाफ है और सरकार को इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर दवाओं की ऑनलाइन बिक्री कर रही हैं, जिससे देशभर के करीब 16 लाख दवा व्यापारियों और केमिस्टों की आजीविका प्रभावित हो रही है। इसी विरोध में बुधवार को प्रयागराज की लगभग सभी मेडिकल दुकानों को बंद रखा गया। हालांकि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिर्फ स्वरूपरानी अस्पताल की मेडिकल दुकानों को इस बंद से अलग रखा गया, ताकि इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित न हों।
