प्रयागराज (राजेश सिंह)। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रामपुर के वकील के खिलाफ वकालत के पेशे के कारण डिप्टी कमिश्नर जीएसटी रामपुर द्वारा एफआईआर दर्ज कराए जाने, सीओ द्वारा तुरंत चार्जशीट दाखिल करने व मजिस्ट्रेट द्वारा उस पर उसी दिन संज्ञान लेने को गंभीरता से लिया है।
कहा है कि डिप्टी कमिश्नर संदेश कुमार जैन, सीओ (अपराध) कीर्ति निधि आनंद तथा विवेचना अधिकारी अनुपम शर्मा के दबाव के कारण ऐसा हुआ। कोर्ट के आदेश पर व्यक्तिगत हलफनामा सहित डिप्टी कमिश्नर हाजिर हुए। उनका पक्ष अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने रखा। अदालत पहले ही याची समर्पण जैन की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है।
याचिका का सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जेजे मुनीर तथा न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने याची को चार्जशीट व संज्ञान आदेश को चुनौती देने का समय दिया और अगली सुनवाई तिथि 21मई नियत की है। साथ ही डिप्टी कमिश्नर, सीओ व विवेचना अधिकारी को बिना विफलता के अगली सुनवाई तिथि पर कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है।
