प्रयागराज (राजेश सिंह)। जनगणना कार्य में लगाए शिक्षकों/कार्मिकों ने प्रतिकर अवकाश यानी अवकाश में काम कराए जाने के बदले अवकाश की मांग की है। कहा गया है कि 20 फरवरी 1998 को तत्कालीन सचिव बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने शिक्षा सत्रावकाश में बीएसए के आदेशानुसार कार्य करने पर शिक्षकों को उपार्जित अवकाश देने के निर्देश दिया था। जनगणना कार्य को लेकर इस तरह का अवकाश दिए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
इससे चिंतित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी जनपदों में जनगणना-2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण में बड़ी संख्या में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को प्रगणक एवं पर्यवेक्षक बनाया गया है।
जनगणना का यह अनिवार्य राष्ट्रीय कार्य ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में किया जा रहा है, जिसके कारण शिक्षक अपने वैध अवकाश का उपभोग नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में इस कार्य में लगाए गए कुल दिवसों को सेवा अभिलेखों में अर्जित अवकाश के रूप में अंकित किया जाना नियमसंगत है।
एआरपी आशीष शुक्ल, सहायक अध्यापकों सौरभ दीक्षित, रंजीत तिवारी, अमित शुक्ल आदि ने भी जनगणना कार्य में लगे सभी शिक्षकों को कार्य अवधि के अनुपात में अर्जित अवकाश देने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश देने की मांग की है।
