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नैनी सेंट्रेल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा खुलासा: सभी 28 जैमर 3 साल से खराब, मोबाइल फोन के प्रयोग की आशंका

SV News

प्रयागराज (राजेश सिंह)। नैनी स्थित केंद्रीय कारागार और जिला कारागार में आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की हालत बेहद खराब है। खासतौर पर वे उपकरण, जो जेलों की सुरक्षा में सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। सेंट्रल जेल में मोबाइल नेटवर्क पर अंकुश लगाने के लिए 28 जैमर लगे हैं, जिनमें सबके सब खराब पड़े हैं।
दरअसल, ये जैमर टू-जी मोबाइल नेटवर्क को ही रोकने की क्षमता रखते थे, जो फोर-जी व फाइव-जी नेटवर्क को रोकने में फेल हैं। इससे जेल में बंद कैदियों द्वारा मोबाइल प्रयोग करने की आशंका बढ़ जाती है।
डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर हाल ही में एडीएम सिटी सत्यम कुमार मिश्र के नेतृत्व में जेल का वृहद निरीक्षण करने संयुक्त जांच टीम गई थी। निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार जेल में लगे सभी 28 जैमर क्रियाशील नहीं हैं। सेंट्रल के ये जैमर लगभग तीन वर्षों से खराब हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार मोबाइल फोन सिग्नल जैमर को दुरुस्त कराने के लिए 12 सितंबर 2024, 14 अक्टूबर 2024 तथा 16 जुलाई 2025 को जेल प्रशासन की ओर से महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उप्र लखनऊ को पत्र भेजा गया था मगर अब तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हो सकी।
इसी तरह हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर कुल 20 हैं, जिसमें चार क्रियाशील नहीं हैं। इसके लिए 24 अप्रैल 2026 को महानिदेशक कारागार मुख्यालय लखनऊ को पत्र भेजा गया है। दो डीप सर्च मेटल डिटेक्टर में एक ही क्रियाशील है। कुल 19 वाकी-टाकी में 13 खराब हैं।
बताया गया है कि 13 मार्च 2023 को विशेष वाहक द्वार वायरलेस मरम्मत के लिए 19 हैंडसेट व एक स्टेटिक सेट उप्र पुलिस रेडियो मुख्यालय भेजा गया था, जहां से 25 सितंबर 2023 को छह हैंडसेट व एक स्टेटिक सेट की मरम्मत कर जेल को दिया गया लेकिन 13 वायरलेस सेट के स्पेयर पार्ट्स बाजार में उपलब्ध न होने के कारण मरम्मत संभव नहीं हो सका, जिसके कारण इन हैंडसेट को अक्रियाशील अवस्था में कारागार को वापस कर दिया गया।
एक ड्रोन कैमरा है जो क्रियाशील नहीं है, जिसके लिए 20 नवंबर 2025 को महानिदेशक कारागार प्रशासन को ड्रोन कैमरे की बैट्री की आपूर्ति को कोटेशन की प्रति के साथ पत्राचार किया गया है। बाडी वार्न कैमरा छह हैं, जिनमें तीन अक्रियाशील हैं। इसके लिए 27 जुलाई 2025 को खराब कैमरों को मुख्यालय भेजा गया है। सेंट्रल जेल में 106 सीसीटीवी कैमरे हैं, जिसके चार मानीटर हैं।
वहीं जिला जेल में तीन सीसीटीवी कैमरे अक्रियाशील हैं। दोनों जेलों में 3272 कैदी व बंदी हैं। जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक में सात आतंकवादी सहित कई और अन्य खूंखार अपराधी बंद हैं।
वरिष्ठ अधीक्षक केंद्रीय कारागार नैनी विजय विक्रम सिंह के अनुसार केंद्रीय कारागार में लगे पुराने सभी 28 जैमर की टू-जी मोबाइल नेटवर्क रोकने की क्षमता थी। ये जैमर फोर-जी व फाइव-जी मोबाइल नेटवर्क को रोकने में सक्षम नहीं है। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर पत्राचार चल रहा है। अन्य उपकरणों के लिए भी कार्यवाही चल रही है।

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