प्रयागराज (राजेश सिंह)। 'योगीजी की है सरकार नहीं सहेंगे अत्याचार', 'स्वास्थ्य मंत्री पर भारी सोरांव का प्रभारी', 'हम बहनों की है ललकार अब न सहेंगे अत्याचार' आदि नारे प्रयागराज में गूंजते रहे। सीएमओ (मुख्य चिकित्साधिकारी) कार्यालय में बड़ी संख्या में जुटीं एएनएम ने मंगलवार को सीएचसी सोरांव के अधीक्षक डाॅ. अनुपम द्विवेदी के खिलाफ हल्ला बोला। कार्यालय का दरवाजा घेरकर बैठ गईं। उन पर शोषण, उत्पीड़न के आरोप लगाए तो इस पर भी गुस्सा जताया कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बावजूद अधीक्षक अपना पद नहीं छोड़ रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोरांव के अधीक्षक पर पिछले दिनों महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने शोषण, उत्पीड़न, शासकीय कार्य में लापरवाही बता कर वेतन कटौती और मानवीय दृष्टिकोण नहीं अपनाने का आरोप लगाया था। अपशब्द बोलने और अभद्रता के गंभीर आरोप भी लगाए गए।
तमाम स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से शिकायतें मिली तो मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ ने इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री व उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के पास पत्र भेजकर की थी। स्वास्थ्य मंत्री ने इसे संज्ञान लिया। इसके बाद सीएमओ ने 20 अप्रैल को आदेश जारी कर डाॅ. अनुपम का स्थानांतरण मुकुंदपुर के प्राथमिक अस्पताल के लिए कर दिया। इसके बावजूद डाॅ. अनुपम अपने पद पर बने रहे, जिससे महिला स्वास्थ्य कर्मियों और उनके सहयोग में आए संगठन का गुस्सा भड़क गया।
संघ की अध्यक्ष मीरा देवी, मंत्री विद्या सिंह, संरक्षक धनंजय तिवारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रा मिश्रा, संध्या राज, सीमा सिंह, सोनल शुक्ला समेत अन्य एएनएम ने धरना प्रदर्शन कर चेतावनी दी कि सीएमओ ने कार्रवाई नहीं की तो इससे भी बड़ा आंदोलन करेंगे। धरना अनिश्चितकालीन करने की चेतावनी दी। महिलाओं की नाराजगी देख सीएमओ ने सोरांव सीएचसी का प्रभार अपने कार्यालय में तैनात डाॅ. राजेश सिंह को सौंप दिया। डाॅ. अनुपम द्विवेदी को तत्काल अस्पताल छोड़ने का आदेश भी दिया। इसके बाद संघ ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
पहले ही इस मामले में आदेश जारी किया था लेकिन अस्पताल में तैनात वरिष्ठतम चिकित्साधिकारी ने वहां का प्रभार लेने से मना कर दिया। सीएमओ कार्यालय में तैनात डा. राजेश सिंह को सीएचसी सोरांव का अधीक्षक बना दिया गया है।- डाॅ. एके तिवारी, सीएमओ।
