एपी, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व में संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से ईरान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए होने वाले अंतरिम समझौते का विवरण सामने आ गया है।
इस 14 सूत्रीय समझौते के तहत ईरान तत्काल होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए कदम उठाएगा। इसके बदले उसे बेरोकटोक तेल बेचने की अनुमति मिलेगी। वह परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकेगा। ईरानी विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया कि समझौते पर दोनों देशों के राष्ट्रपति हस्ताक्षर कर सकते हैं। इस समझौते को संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बीच इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन नाम दिया गया है।
अमेरिका और ईरान के बीच सोमवार को इस समझौते पर सहमति बनी और ई-हस्ताक्षर किए गए। शुक्रवार को जिनेवा में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर होंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर समझौता मसौदे के बारे में जानकारी दी है।
समझौते में कहा गया है कि युद्ध के बाद ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर मिलेंगे। अमेरिका, ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित अंतिम समझौता होने के बाद तेहरान पर लगाए गए सभी अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को समाप्त करने की दिशा में काम करेगा। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था। यह लड़ाई तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए शुरू की गई थी और सात अप्रैल को युद्धविराम हुआ था।
अमेरिका की ओर से ईरान को तत्काल स्वतंत्र रूप से तेल बेचने की अनुमति देने और बाद में प्रतिबंधों को हटाने के प्रस्ताव को उन रियायतों से बड़ा माना जा रहा है, जो ईरान को 2015 के परमाणु समझौते के तहत दी गई थी। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में इस समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था और उसे सबसे खराब समझौता करार दिया था। यह माना जा रहा है कि इस नए समझौते की अमेरिका में कड़ी आलोचना हो सकती है और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए भी बड़ा झटका हो सकता है, जिन्होंने 28 फरवरी को ट्रंप के साथ मिलकर युद्ध शुरू किया था।
समझौते की प्रमुख बातें
समझौते पर हस्ताक्षर के साथ अमेरिका, ईरान और इनके सहयोगी सभी मोर्चे पर सैन्य अभियान बंद करेंगे
अमेरिका और ईरान एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे और आंतरिक मामलों में दखल नहीं देंगे
दोनों पक्ष 60 दिन की लंबी वार्ता के दौरान अंतिम समझौता करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे, यह समय बढ़ाया जा सकता है
ईरान ने यह बात दोहराई है कि वह परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा और न ही उसका विकास करेगा
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगाए गए यूएन समेत सभी प्रतिबंधों को हटाने का वादा किया है
