मिर्जापुर (राजेश सिंह)। अष्टभुजा निरीक्षण गृह में बृहस्पतिवार को विंध्याचल मंडलायुक्त राजेश प्रकाश और रीवा के मंडलायुक्त बीएस जामोद की अध्यक्षता में बाढ़ नियंत्रण समिति की बैठक हुई। इसमें उप्र के मिर्जापुर, सोनभद्र और मध्य प्रदेश के रीवा व मऊगंज जिले में बाढ़ से जान-माल के बचाव पर चर्चा हुई। बैठक में कहा गया कि बरसात के मौसम में मेजा और अदवा बांध से 80 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी न छोड़ा जाए।
सोनभद्र के डीएम और एसपी ने बैठक में ऑनलाइन सहभागिता की। इस दौरान बरसात में अदवा, सिरसी और मेजा जलाशय छोड़े जाने वाले पानी पर चर्चा की गई। रीवा के मंडलायुक्त ने बताया कि रीवा जनपद की त्यौंथर तहसील के कई क्षेत्र टोंस और बेलन नदी की बाढ़ से प्रभावित होते हैं। कहा कि अदवा और मेजा बांध से पानी छोड़ने के पहले व्हाट्सएप व टेलीफोन के जरिए मध्य प्रदेश के अधिकारियों को सूचना जरूर दें। आईजी रीवा ने कहा कि समय-समय पर सूचनाओं का आदान प्रदान किया और मेजा व अदवा बांध पूरा भरने में जब दो मीटर पानी नीचे रहे, तभी धीरे-धीरे पानी छोड़ा जाए तो बाढ़ की समस्या उत्पन्न नहीं होगी।
वहीं, मंडलायुक्त विंध्याचल ने कहा कि दोनों राज्यों के सिंचाई और जल संसाधन विभाग के अधिकारी एक दूसरे के कंट्रोल रूम से निरंतर संपर्क में रहें। साथ ही जिले में स्थापित वर्षा मापी केंद्रों से लगातार बारिश की स्थिति साझा करते रहें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थानें में वीट सिपाही और ग्राम प्रधानों को भी व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा जाए।
जिलाधिकारी मिर्जापुर पवन कुमार गंगवार ने आश्वस्त किया कि बांधों से एक साथ पानी नहीं छोड़ा जाएगा। पानी छोड़ने से पहले मध्य प्रदेश के अधिकारियों को सूचना दी जाएगी। बैठक में डीआईजी विंध्याचल पूनम, डीएम मऊगंज, एसपी मिर्जापुर अपर्णा रजक कौशिक, अपर आयुक्त राज कुमार द्विवेदी, मुख्य अभियंता सिंचाई सिद्धार्थ कुमार आदि मौजूद रहे।

