लखनऊ (राजेश सिंह)। प्रयागराज में एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों की हत्या के मामले में योगी आदित्यनाथ सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखते हुए न सिर्फ घटना पर दुख जताया, बल्कि सपा की राजनीति और उसके पीडीए फॉर्मूले और अखिलेश यादव की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए।
राजभर ने लिखा कि प्रयागराज की इस दर्दनाक घटना के बारे में सुनकर उनका दिल दहल गया। उन्होंने कहा कि काफी देर तक वह खुद को संभाल नहीं पाए और यह सोचकर उनका खून खौल उठा कि एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों को इतनी बेरहमी से मार दिया गया। उन्होंने कहा कि 65 वर्षीय श्यामलाल, उनकी पत्नी अमरावती देवी और 62 वर्षीय इंद्रावती की आखिर क्या गलती थी।
उनका सिर्फ इतना "अपराध" था कि वे अपनी बेटी की शादी आरोपी से नहीं करना चाहते थे। राजभर ने सवाल उठाया कि कोई व्यक्ति इतना क्रूर और हैवान कैसे हो सकता है कि शादी से इनकार किए जाने पर पूरे परिवार को निशाना बना दे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना का आरोपी समाजवादी पार्टी से जुड़ा हुआ है और अखिलेश यादव का स्वजातीय है। इसलिए सपा चुप है।
सुभासपा प्रमुख ने कहा कि जब आरोपी को यूपी पुलिस तलाश रही है, तब भी समाजवादी पार्टी और उसके नेता इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से पूछा कि क्या वे इतनी बड़ी घटना पर संवेदना के दो शब्द भी नहीं बोल सकते थे। राजभर ने कहा कि कम से कम सपा प्रमुख को यह कहना चाहिए था कि अपराधी चाहे कोई भी हो, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पोस्ट में राजभर ने तंज भरे अंदाज में कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहने वाले अखिलेश यादव ने इस मामले में एक शब्द भी नहीं कहा। उन्होंने लिखा कि "ट्विटर, एसी और पीसी से झूठ की दुकान चलाने वाले" नेताओं को भी कभी-कभी जमीन की घटनाओं पर बोलना चाहिए।
राजभर ने समाजवादी पार्टी के सबसे चर्चित राजनीतिक अभियान पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा का पीडीए अब केडीए बन गया है। राजभर ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब यह "काट देगा अहीर" की राजनीति में बदलता दिखाई दे रहा है।
इतना ही नहीं, राजभर ने अपने आरोपों के समर्थन में आंकड़ों का भी हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस की जनवरी से अप्रैल 2026 तक की रिपोर्ट में दलितों और शोषित वर्गों के खिलाफ अपराध के मामलों में सबसे ज्यादा आरोपी यादव और मुस्लिम समुदाय से जुड़े पाए गए हैं। उनके मुताबिक इस अवधि में ऐसे मामलों में 2,160 यादव और 1,983 मुस्लिम आरोपी शामिल रहे हैं। राजभर ने कहा कि यह रिपोर्ट अब तक समाजवादी पार्टी के पास भी पहुंच चुकी होगी। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में वह जोनवार और कमिश्नरेटवार आंकड़े भी सार्वजनिक करेंगे, जिससे स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।
प्रयागराज हत्याकांड मामला
प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में सोमवार रात को एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या का मामला सामने आया था। 12 घंटे में पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर दिया।
आरोपी हिमांशु यादव को भी अब पुलिस ने पकड़ लिया है। हिमांशु ने अपनी गर्लफ्रेंड के परिवार के तीन लोगों को इसलिए काट डाला था क्योंकि वो उसकी शादी में रोड़ा बन रहे थे।
