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ट्रिपल मर्डर: 27 घंटे बाद रात 10 बजे हुआ अंतिम संस्कार

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मेजा, प्रयागराज (विमल पाण्डेय)। ट्रिपल मर्डर में मारे गए लोगों के शवों का अंतिम संस्कार 27 घंटे बाद हो सका। परिजन रात 10 बजे तक तीनों शव घर के बाहर रखकर बैठे रहे। वह आरोपी के घर बुलडोजर चलवाए जाने, सुरक्षा और मुआवजे की मांग करते रहे। पुलिस अफसरों की सूझबूझ रही कि उन्हें आखिरकार मना लिया गया और इसके बाद रात 11 बजे तीनों शवों को लेकर घरवाले अंतिम संस्कार के लिए गए। उधर घटना के पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां इनमें से एक के नाबालिग होने की बात सामने आई जिसके बाद उसे किशोर न्याय बोर्ड के आदेश से राजकीय संप्रेषण गृह और अन्य चारों को जेल भेज दिया गया।

मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद रात आठ बजे के करीब मृतक श्यामलाल व उसके भाइयों की पत्नी अमरावती व इंद्रावती के शव मेजा के कुकुरकटवा गांव ले जाए गए थे। तब परिजनों ने रात होने और बंगलुरु व पूणे से घर के अन्य सदस्यों के आने के बाद अंतिम संस्कार करने की बात कही थी। बुधवार दोपहर तक लगभग सारे परिजन आ भी गए। एक-दो परिजनों के बारे में बताया गया कि वह रात तक आएंगे तब अंतिम संस्कार होगा। हालांकि बाद में उन्होंने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। कहा कि वह आरोपी के खिलाफ हुई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। आरोपी के घर पर बुलडोजर चलवाया जाए।

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साथ ही सुरक्षा के लिए घर पर पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं। इसके साथ ही परिवार को मुआवजा दिया जाए। मौके पर पहुंचे एडीसीपी विजय आनंद, एसीपी मेजा संतप्रसाद उपाध्याय ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं हुए। कहा कि मांगें माने जाने के बाद ही वह शव उठने देंगे।

छावनी बना गांव, दो सेक्शन पीएसी भी बुलाई

उधर स्थिति को देखते हुए गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। मेजा, मांडा व कोरांव समेत आधा दर्जन थानों की फोर्स गांव में सुबह से ही तैनात कर दी गई थी। तनाव और परिजनों के आक्रोश को देखते हुए दो सेक्शन पीएसी भी बुलाई गई।

मृतकों के घर के बाहर कड़ी सुरक्षा के साथ-साथ आरोपी के घर के बाहर भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव भी लगातार हालात पर नजर बनाए रहे। अफसरों ने बातचीत जारी रखी और आखिरकार परिजन रात 10 बजे के करीब माने। इसके बाद तीनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाए गए।

एक साथ तीन लोगों की हुई थी हत्या

यह वारदात 15 जून की देर रात हुई थी। इसमें 65 साल के श्यामलाल, 58 साल की अमरावती व 55 साल की इंद्रावती की हत्या कर दी गई थी। खूंटे से सिर पर वारकर तीनों को मौत के घाट उतारा गया था। सुबह छह बजे के करीब ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई थी।

इस मामले में पड़ोस में रहने वाले हिमांशु यादव व उसके दो दोस्तों निहाल गौतम व राजन यादव समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। रात में मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से हिमांशु जख्मी भी हुआ, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। दो अन्य आरोपियों में हिमांशु का भाई अंकित और ग्राम प्रधान गुड्‌डू यादव शामिल हैं। दोनों पर आरोपियों को फरार होने में मदद करने और साजिश में शामिल होने का आरोप है।-एसीपी 

डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया, एक मृतका के पति रात 10 बजे के करीब घर पहुंचे। इसके बाद परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए चले गए। उन्हें समझाया गया है कि जो भी उचित मांगें व कार्रवाई होगी, उनके संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जिस पर वह मान गए।

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