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भूमि विवादों के निस्तारण एवं भू-माफियाओं के विरुद्ध विशेष अभियान की समीक्षा, मंडल में 58 नए भू-माफियाओं का चिन्हांकन

SV News

प्रयागराज (राजेश सिंह)। भूमि विवादों के प्रभावी निस्तारण तथा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के विरुद्ध 01 जून से 30 जून तक संचालित विशेष अभियान के अंतिम दिन मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल एवं पुलिस महानिरीक्षक अजय मिश्रा की संयुक्त अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस आयुक्त प्रयागराज, मंडल के चारों जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ जनपदवार प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में अवगत कराया गया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में मंडल में अब तक 58 नए भू-माफियाओं का चिन्हांकन कर उन्हें सूचीबद्ध किया गया है। इनमें प्रयागराज के 18, प्रतापगढ़ के 15, कौशांबी के 21 तथा फतेहपुर के 4 भू-माफिया शामिल हैं। इसके साथ ही गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 14(1) के अंतर्गत की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। अवगत कराया गया कि 01.04.2025 की स्थिति के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट न्यायालयों में मंडल के कुल 63 प्रकरण लंबित थे, जिनमें प्रयागराज के 29, प्रतापगढ़ के 18, फतेहपुर के 5 तथा कौशांबी के 11 प्रकरण शामिल थे। समीक्षा अवधि के दौरान इनमें से 27 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि वर्तमान में 40 प्रकरण लंबित हैं। इनमें प्रयागराज के 22, प्रतापगढ़ के 8, कौशांबी के 10 तथा फतेहपुर में कोई प्रकरण लंबित नहीं है। इसके अतिरिक्त, जिला मजिस्ट्रेट स्तर पर कार्रवाई पूर्ण होने के उपरांत कुल 21 प्रकरण अग्रिम न्यायिक कार्यवाही के लिए गिरोहबंद न्यायालय को प्रेषित किए जा चुके हैं।

बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि पोर्टल पर उपलब्ध भू-माफियाओं की सूची में पुलिस एवं प्रशासन स्तर पर उपलब्ध सूचनाओं में पाई गई विसंगतियों का समन्वय करते हुए समेकित एवं प्रमाणिक सूची तैयार करने की प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है तथा शीघ्र ही अद्यतन सूची पोर्टल पर अपलोड करा दी जाएगी। इस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि यदि डेटा अद्यतन करने में किसी प्रकार की तकनीकी अथवा प्रशासनिक कठिनाई आती है, तो शासन स्तर से आवश्यक समन्वय स्थापित कर इसे समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए।

बैठक में नजूल एवं अन्य सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के विशेष सत्यापन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अवगत कराया कि निर्देशों के अनुपालन में तालाबों एवं अन्य जल निकायों की भूमि पर हुए अतिक्रमणों का पुनः सत्यापन कराया जा रहा है। साथ ही ऐसे मामलों में केवल अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध ही नहीं, बल्कि सरकारी भूमि का अवैध विक्रय करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भी प्रभावी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। 

मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि वास्तविक भू-माफियाओं और सामान्य अतिक्रमणकर्ताओं के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित करते हुए तथ्यपरक, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार भू-माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा उनसे मुक्त कराई गई सरकारी भूमि का जनहित एवं सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस क्रम में उन्होंने निर्देशित किया कि भू-माफियाओं के चिन्हांकन से लेकर बेदखली, संपत्ति कुर्की एवं अन्य विधिक कार्यवाहियों तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और परिणामोन्मुखी ढंग से संचालित की जाए, ताकि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई सरकारी भूमि का उपयोग जनकल्याणकारी परियोजनाओं एवं सार्वजनिक सुविधाओं के विकास में प्रभावी रूप से किया जा सके।

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