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विकास की पटरी पर दौड़ी सांसदों की चुनावी एक्सप्रेस, प्रवीण पटेल और उज्जवल रमण रहे नदारद

SV News

प्रयागराज (राजेश सिंह)। अपने-अपने क्षेत्रों के विकास और जनता की उम्मीदों को रफ्तार देने के लिए सांसदों की चुनावी एक्सप्रेस ने पूरी गति पकड़ ली है। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) प्रयागराज मंडल की ओर से आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में सियासी दिग्गजों का बड़ा जमावड़ा लगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में नई ट्रेनों के संचालन, प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव और यात्री सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने को लेकर गहन मंथन हुआ। एनसीआर के महाप्रबंधक (जीएम) के सामने सात सांसदों और 13 सांसदों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और जनभावनाओं से जुड़ा मांग पत्र सौंपा।
रेलवे के इस बड़े मंच पर जहां एक तरफ कई दिग्गज अपनी मांगें मनवाने के लिए डटे रहे, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर एक बड़ी सियासी गैरहाजिरी भी चर्चा का विषय बनी रही। प्रयागराज की फूलपुर लोकसभा सीट से सांसद प्रवीण पटेल और इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र के सांसद उज्ज्वल रमण सिंह इस महत्वपूर्ण बैठक से नदारद रहे।
बैठक में सियासी गलियारों से लेकर आम जनता से जुड़े कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे गूंजे। इसमें फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल के प्रतिनिधि संदीप द्विवेदी ने प्रयागराज से मुंबई के बीच चलने वाली दुरंतो एक्सप्रेस को नियमित करने और अहमदाबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस के फेरे बढ़ाने की मांग की। ताकि प्रवासियों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिल सके।
साथ ही रामबाग से चलने वाली विभूति को प्रयागराज जंक्शन या सूबेदारगंज से चलाने, वास्को-द-गामा एक्सप्रेस को सप्ताह में एक की बजाय तीन चलाने की मांग की। वहीं सांसद उज्जवल रमण सिंह के प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने प्रयागराज से बंगलूरू, कन्याकुमारी, रामेश्वरम, हैदराबाद के लिए सीधी ट्रेन चलाए जाने पर जोर दिया। मेजा रोड स्टेशन पर महानंदा, महानगरी तथा पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के ठहराव की भी उन्होंने मांग की।
एनसीआर जीएम नरेश पाल सिंह की मौजूदगी में हुई सांसदों की बैठक की अध्यक्षता अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम ने की। उन्होंने जोर देते हुए अलीगढ़ के निकट दाउद खां रेलवे स्टेशन का नाम बदले जाने को कहा। उनका तर्क था कि जहां यह स्टेशन है उसके आसपास के गांवों में महाराणा प्रताप के वंशज रहते हैं। ऐसे में इसका नाम किसी महापुरुष के नाम पर किया जाए। उन्होंने अलीगढ़ में वाराणसी वंदे भारत एवं कुछ राजधानी एक्सप्रेस का भी ठहराव किए जाने का प्रस्ताव दिया। वहीं औरेया से पहुंची राज्यसभा सदस्य गीता शाक्य ने फंफूद स्टेशन का नाम दिबियापुर किए जाने का प्रस्ताव दिया।
कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने दिल्ली के लिए कानपुर मेल चलाने की वकालत की। सांसद हाथरस अनूप प्रधान वाल्मीकि ने कोराना काल में हाथरस जंक्शन पर जिन ट्रेनों का ठहराव बंद किया गया था उसे बहाल करने की बात कही। वहां मेड़ू पर दिल्ली-हावड़ा और हाथरस-बरेली लाइन को मिलाने का भी प्रस्ताव उन्होंने रखा। इसके अलावा सांसद रीवा जर्नादन मिश्रा, सांसद फतेहपुर नरेश चंद्र उत्तम पटेल तथा सांसद इटावा जितेंद्र कुमार दोहरे ने भी तमाम प्रस्ताव रखे।

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