मांडा रोड़,प्रयागराज (अनिल यादव)। बीते दिनों हुई लगातार भारी बारिश ने मेजा के उरुवा इलाके में जमकर तबाही मचाई है। बारिश के चलते हजारों बीघा धान की फसल नष्ट हो गई है, जिससे क्षेत्रीय किसान चिंतित हैं।
जल निकासी की व्यवस्था के अभाव में खेतों में लबालब पानी भर गया। पानी निकालने के लिए मजबूरन किसानों को सड़कें काटनी पड़ीं। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की कई सड़कें उखड़ कर पूरी तरह खराब हो गई हैं।
मांडा रोड़ के टिकरी,नरवर, ढीलिया ,मसौली,बरहा कला,आंधी,बहेलियापुर सहित तमाम निचले इलाकों में बारिश का पानी किसानों के लिए आफत बनकर खेतों में भरा हुआ है। किसानों की कड़ी मेहनत से रोपाई की गई धान की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। जलनिकासी के लिए सड़कों को काटा गया ताकि खेतों से पानी कम हो और फसलों को बचाया जा सके, लेकिन फिर भी फसल नहीं बचाई जा सकी। अब किसानों के लिए मुआवजा ही एक मात्र सहारा बचा है।
दिनेश चंद्र यादव, किसान, आंधी: "बारिश के पानी में धान की फसल डूब कर बर्बाद हो गई। पानी से क्षेत्र की सड़कें खराब हो गई। किसानों के लिए मुआवजा ही एक विकल्प बचा है। सरकार को किसानों की समस्या पर गंभीरता दिखानी चाहिए।"
"जल निकासी के अभाव में पानी खेतों में रुका रहा। इससे हजारों बीघा धान की फसल डूब गई। प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अविलंब इसका सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाना चाहिए।"
"बारिश का पानी किसानों के लिए आफत बनकर आया। यदि समय पर जल निकासी की व्यवस्था होती तो फसलें बचाई जा सकती थीं, लेकिन पूरी फसल नष्ट हो गई। इससे किसान चिंतित हैं।"
