140 वृद्धजनों से की आत्मीय मुलाकात
प्रयागराज (राजेश सिंह)। अपर जिलाधिकारी प्रशासन उपमा पांडेय ने शुक्रवार को आधारशिला वृद्धाश्रम, नैनी का निरीक्षण किया गया। वर्तमान में आधारशिला वृद्धाश्रम में लगभग 140 वृद्धजन निवास कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने वृद्धाश्रम में निवास कर रहे सभी वृद्धजनों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने वृद्धजनों से सीधे संवाद करते हुए उनके स्वास्थ्य, भोजन, आवास, चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता एवं दैनिक देखभाल के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
एडीएम प्रशासन ने वृद्धजनों से यह भी जाना कि उन्हें वृद्धाश्रम में उपलब्ध सुविधाओं एवं सेवाओं में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है। साथ ही उन्होंने वृद्धजनों से शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिल रहे लाभ के संबंध में जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पात्र वृद्धजनों को शासन की योजनाओं का लाभ सुगमता एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी ने वृद्धाश्रम में निवास कर रहे वृद्धजनों को फल वितरित किए। उन्होंने वृद्धजनों के साथ आत्मीय संवाद करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की कामना की। फल प्राप्त कर वृद्धजनों के चेहरों पर प्रसन्नता एवं अपनत्व का भाव देखने को मिला।
निरीक्षण के दौरान एडीएम प्रशासन ने वृद्धाश्रम में स्वच्छता, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, दवाओं की उपलब्धता, सुरक्षा एवं वृद्धजनों की गरिमापूर्ण देखभाल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने वृद्धजनों की आवश्यकताओं एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके उचित समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
इस अवसर पर आधारशिला संस्था के निदेशक गोस्वामी शशांक जी ने बताया कि संस्था का उद्देश्य वृद्धजनों को केवल आश्रय उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, अपनापन एवं गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करना है। संस्था द्वारा वृद्धजनों की निरंतर सेवा एवं देखभाल के लिए विभिन्न सामाजिक एवं कल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
आधारशिला संस्था की ओर से जिला प्रशासन एवं एडीएम प्रशासन श्रीमती उपमा पांडेय जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि प्रशासन द्वारा वृद्धजनों के बीच पहुंचकर उनका हाल-चाल जानना, उनकी आवश्यकताओं को समझना तथा उन्हें योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए दिशा-निर्देश देना वरिष्ठ नागरिकों के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है।
