सरकार के राजस्व को रोज लाखों का चूना
प्रयागराज (राजेश सिंह)। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार भले ही ओवरलोडिंग पर जीरो टॉलरेंस की बात कह रही हो और परिवहन विभाग सख्ती के बड़े-बड़े दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। प्रयागराज में इन दिनों ओवरलोड वाहनों को पास कराने वाला संगठित 'पासर गैंग' पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जो अधिकारियों की मिलीभगत से प्रतिदिन सरकार को लाखों रुपए के राजस्व का चूना लगा रहा है।कैसे काम करता है गैंग?सूत्रों के अनुसार यह गैंग प्रयागराज के मुख्य एंट्री पॉइंट्स - नवाबगंज, हंडिया, मेजा, करछना, शंकरगढ़ और नैनी बाईपास पर सक्रिय है।इसका तरीका बेहद संगठित है। बालू, गिट्टी, कोयला और सरिया लदे ओवरलोड ट्रक प्रयागराज की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही पासर गैंग के एजेंटों से संपर्क करते हैं। प्रति ट्रक 2000 से 5000 रुपये में 'मंथली' और 'पर ट्रिप' के हिसाब से सौदा तय होता है। पैसा मिलते ही ट्रक को बेरोक-टोक जिले से पास करा दिया जाता है।हैरानी की बात यह है कि इस गैंग के सदस्य लग्जरी कारों - स्कॉर्पियो, फॉर्च्यूनर और थार से चलते हैं और उनके पास RTO, खनन और पुलिस विभाग की पल-पल की लोकेशन रहती है। ट्रक ड्राइवरों को व्हाट्सएप पर बताया जाता है कि किस रास्ते से जाना है और कहां चेकिंग लगी है।एक ट्रक चालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "अगर हम पासर को पैसा नहीं देते तो 50 हजार का ओवरलोड का चालान हो जाता है। पासर को 3 हजार दो और आराम से निकल जाओ। मजबूरी में देना पड़ता है।"सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन30 टन पासिंग वाले ट्रकों पर 60-70 टन तक माल लादा जा रहा है। इससे न सिर्फ सड़कें टूट रही हैं, बल्कि आए दिन भीषण सड़क हादसे भी हो रहे हैं। पिछले एक महीने में नैनी और हंडिया में ओवरलोड ट्रकों से दो बड़े हादसे हो चुके हैं।जिम्मेदार कौन?स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना परिवहन और खनन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत के यह संभव ही नहीं है। ओवरलोड वाहनों की वजह से सरकार को मिलने वाला खनन रॉयल्टी और परिवहन राजस्व सीधे पासर गैंग की जेब में जा रहा है।इस पूरे मामले पर जब एआरटीओ प्रयागराज से बात की गई तो उन्होंने कहा, "ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। पिछले सप्ताह 120 से अधिक वाहनों का चालान किया गया है। पासर गैंग की शिकायत मिली है, जांच कराकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।"जनता की मांगव्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि इस पूरे रैकेट की जांच STF या विजिलेंस से कराई जाए, टोल प्लाजा और बॉर्डर के CCTV फुटेज खंगाले जाएं और दोषी अधिकारियों व पासर गैंग के सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।
